दुर्ग। अंधविश्वास का सहारा लेकर लोगों की गाढ़ी कमाई डकारने वाले एक शातिर गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक व्यक्ति को उसकी मां की बीमारी ठीक करने का झांसा देकर 8 लाख रुपये नगद और 5 लाख के सोने के जेवर पार कर दिए थे।
दुकान पर आकर बनाया शिकार, फिर बिछाया जाल
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि सिंधी कॉलोनी निवासी प्रार्थी संजय अठवानी की दुकान पर कुछ दिन पूर्व आरोपी ‘राजू’ बनकर पहुंचे थे। आरोपियों ने पहले मेल-जोल बढ़ाया और प्रार्थी की मां की बीमारी के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद उन्होंने झाड़-फूंक और विशेष पूजा के जरिए बीमारी जड़ से खत्म करने का दावा किया।
नारियल से शुरू हुआ खेल, जेवरों तक पहुंचा
ठगी की शुरुआत 16 जनवरी को पावर हाउस फल मार्केट में मात्र 1100 रुपये और नारियल की पूजा से हुई। प्रार्थी का विश्वास जीतने के बाद आरोपियों ने बड़ी पूजा का बहाना बनाया। 20 जनवरी को आरोपियों ने प्रार्थी को पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास बुलाया और ‘मंदिर में रखने’ के नाम पर:
- 4 नग सोने के कंगन (वजन 60 ग्राम, कीमत लगभग 5 लाख रुपये)
- 8 लाख रुपये नगद लेकर चंपत हो गए। मोबाइल बंद होने पर प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ और उसने थाना छावनी में रिपोर्ट दर्ज कराई।
यूपी के निकले आरोपी, सीसीटीवी से हुई पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से घेराबंदी की। पुलिस ने चित्रकूट (यूपी) निवासी बाबूलाल और हाथरस (यूपी) निवासी गीता राय को धर दबोचा। आरोपियों के पास से ठगी के 8 लाख रुपये और घटना में प्रयुक्त मोबाइल बरामद किए गए हैं।
पुलिस की अपील: “किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र पर विश्वास न करें। यह केवल ठगी का एक तरीका है। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।”

