दुर्ग: अपने खोए हुए मोबाइल की उम्मीद छोड़ चुके सैकड़ों लोगों के लिए आज का दिन खुशियों भरा रहा। दुर्ग पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने एक विशेष अभियान चलाकर 205 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा इन फोनों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया।
अभियान ‘मुस्कान’: 2023 से 2026 तक का डेटा खंगाला
जिले के विभिन्न थानों में मोबाइल गुम होने की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष निर्देश जारी किए थे। इसके बाद ACCU की टीम ने साल 2023 से 2026 के बीच दर्ज आवेदनों का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव, बालोद और बेमेतरा जैसे क्षेत्रों से ये मोबाइल ट्रैक कर बरामद किए।

ट्रैफिक नियमों और हेलमेट की दिलाई गई शपथ
मोबाइल वितरण के इस अवसर को पुलिस ने जन-जागरूकता का माध्यम भी बनाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्यवाही में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के निरीक्षक प्रमोद कुमार सरिया और उनकी टीम के साथ-साथ संबंधित थानों के स्टाफ की विशेष भूमिका रही। पुलिस की इस सक्रियता की आम जनता ने काफी सराहना की है।
दुर्ग पुलिस की खास सलाह: मोबाइल गुम होने पर क्या करें?
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि ये कदम उठाएं:
- तत्काल रिपोर्ट: नजदीकी थाने में जाकर सूचना दें।
- CEIR पोर्टल का उपयोग: भारत सरकार के पोर्टल ceir.gov.in पर जाकर खुद को रजिस्टर करें।
- दस्तावेज: पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाना रिपोर्ट की कॉपी, मोबाइल का बिल और आधार कार्ड अनिवार्य है।
- ब्लॉकिंग: इस प्रक्रिया से मोबाइल ब्लॉक हो जाता है, जिससे उसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता और रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।

“हमारा लक्ष्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि नागरिकों की खोई हुई अमानत उन्हें वापस लौटाकर सुरक्षा का एहसास कराना भी है।” — दुर्ग पुलिस

