रायपुर: बहुप्रतीक्षित हिंदी और छत्तीसगढ़ी फीचर फिल्म ‘Gangs of Raipur’ 28 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह फिल्म रायपुर शहर के अपराध जगत और ख़ासकर अवैध फार्मा ड्रग्स (Pharmaceutical Addiction) के खतरनाक मकड़जाल पर आधारित है। फिल्म में शील वर्मा, गोपाल के. सिंह, और राजीव वर्मा जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं, और इसका निर्देशन के. शिव कुमार ने किया है।
शुरुआती रिपोर्ट्स और सिनेमाघरों से बाहर आ रहे दर्शकों के पब्लिक रिव्यू (Public Review) को मिलाकर, यह फिल्म छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रही है।

दर्शकों की राय के मुख्य बिंदु:
- सटीक और प्रासंगिक कहानी: फिल्म की कहानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में युवाओं के बीच नशीली दवाओं के दुरुपयोग (Substance Abuse) और उससे उपजे अपराध चक्र पर आधारित है। दर्शकों ने इस सामाजिक रूप से प्रासंगिक विषय को उठाने के लिए निर्माताओं की सराहना की है।
- क्षेत्रीय सिनेमा में नया कदम: यह फिल्म छत्तीसगढ़ी और हिंदी के मिश्रण (Hybrid Film) में बनी है। दर्शकों का मानना है कि ‘Gangs of Raipur’ ने उच्च-स्तरीय सिनेमाई तकनीक और प्रस्तुति के मामले में क्षेत्रीय फिल्मों के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया है।
- एक्शन और ड्रामा: फिल्म को एक एक्शन, क्राइम और ड्रामा बताया गया है। शुरुआती दर्शकों को फिल्म में भरपूर ड्रामा और एक्शन देखने को मिला है। फिल्म का टीज़र और टाइटल ट्रैक भी काफी पसंद किया गया है।
- कलाकारों का प्रदर्शन: फिल्म में कलाकारों ने दमदार प्रदर्शन किया है, जिसमें पुलिस अधिकारी और ड्रग पेडलर हाफ़िज़ के बीच की कहानी प्रमुख है।

समीक्षा और रेटिंग (फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार):
फिल्म के बारे में ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर अभी तक कोई व्यापक क्रिटिक रिव्यू या बड़ी संख्या में उपयोगकर्ता रेटिंग जारी नहीं की गई हैं, क्योंकि यह बिल्कुल नई रिलीज़ है।
बुकमाईशो (BookMyShow) जैसे प्लेटफार्मों पर, फिल्म में 2 घंटे 40 मिनट की अवधि है और इसे ए (A) रेटिंग दी गई है।
निष्कर्ष:
कुल मिलाकर, ‘Gangs of Raipur’ को दर्शकों द्वारा छत्तीसगढ़ के सामाजिक यथार्थ पर आधारित एक साहसिक और तकनीकी रूप से उन्नत फिल्म के रूप में देखा जा रहा है। यह स्थानीय कहानी को बड़े पर्दे पर एक गंभीर विषय के साथ लाने का एक उल्लेखनीय प्रयास है।

