गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक 7 साल की मासूम के साथ हुए दुष्कर्म मामले में अपर सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला फिंगेश्वर थाना क्षेत्र का है, जिसने क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।
क्या था मामला?
घटना वर्ष 2023 की है। फिंगेश्वर के टिकरापारा निवासी आरोपी विश्राम निषाद ने एक 7 वर्षीय बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया था। आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान खेत में ले गया था और वहां उसके साथ दरिंदगी की। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही फिंगेश्वर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना का जिम्मा उप पुलिस अधीक्षक निशा सिंहा को सौंपा गया था। पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाते हुए और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चालान तैयार कर न्यायालय में पेश किया।

तीन साल बाद मिला न्याय
करीब तीन साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब 2026 में न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी विश्राम निषाद को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और अर्थदंड (जुर्माने) की सजा सुनाई है।
इस फैसले के बाद न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस और न्यायालय की त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही की सराहना की है।

