बलौदाबाजार/गिरौदपुरी: जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल और सतनाम पंथ के आस्था के केंद्र गिरौदपुरी धाम में आज आग ने जमकर कहर बरपाया। बंदरों की उछलकूद के कारण हुए शॉर्ट सर्किट से भड़की आग में करीब 10 से 12 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं। इस अग्निकांड में छोटे दुकानदारों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
कैसे भड़की आग?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर मार्ग पर स्थित बिजली के ट्रांसफार्मर पर बंदरों की उछलकूद की वजह से अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे निकली चिंगारियों ने पास ही स्थित झोपड़ीनुमा दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। सूखी घास और लकड़ी से बनी दुकानें होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
ग्रामीणों की मुस्तैदी ने टाला बड़ा हादसा
आग लगते ही स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने साहस का परिचय दिया। दमकल विभाग को सूचना देने के साथ ही लोगों ने निजी स्तर पर पानी का इंतजाम किया और आग बुझाने में जुट गए।
- देरी से पहुंची दमकल: बताया जा रहा है कि आग लगने के लगभग एक घंटे बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक दुकानें जल चुकी थीं।
- बची मंदिर की गरिमा: गनीमत रही कि ग्रामीणों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, अन्यथा लपटें मंदिर परिसर तक पहुंच सकती थीं, जिससे भारी नुकसान हो सकता था।
प्रशासनिक कार्रवाई और मांग
घटना की सूचना मिलते ही गिरौदपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा तैयार कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने मंदिर मार्ग पर असुरक्षित तरीके से संचालित हो रही दुकानों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भविष्य की जरूरत: पक्की दुकानों की मांग
स्थानीय लोगों और पीड़ितों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को इन झोपड़ीनुमा दुकानों की जगह पक्की दुकानों का निर्माण कराना चाहिए। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन, समाज प्रमुखों, मेला समिति और ग्राम पंचायत पर टिकी हैं कि वे प्रभावित दुकानदारों की सहायता और सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।


