कबीरधाम। आईपीएल (IPL) सीजन के साथ ही सक्रिय हुए सट्टेबाजों के खिलाफ कबीरधाम पुलिस ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में पंडरिया पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले दो युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन और सट्टे के लेन-देन के महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
मुखबिर की सूचना पर देर रात दबिश
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पंडरिया के घोघरापारा क्षेत्र में कुछ युवक मोबाइल के माध्यम से आईपीएल मैचों पर दांव लगवा रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए 12 और 13 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान दीपक चन्द्राकर (21 वर्ष) और अरूण कुमार निषाद (23 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी बैरागपारा, पंडरिया के निवासी हैं।
रेड्डीबुक एप और टेलीग्राम से चल रहा था खेल
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से ओप्पो और मोटोरोला कंपनी के स्मार्टफोन जप्त किए हैं।
- डिजिटल सबूत: मोबाइल की जांच में ‘रेड्डीबुक’ एप, सट्टेबाजी के टेलीग्राम चैनल और PhonePe के माध्यम से किए गए हजारों रुपये के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।
- नेटवर्क की जांच: पुलिस अब इन सट्टा आईडी के मुख्य संचालकों और उनसे जुड़े अन्य ग्राहकों की तलाश में जुट गई है।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
पंडरिया पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम की धारा 06 और 07 के तहत अपराध क्रमांक 86/2026 पंजीबद्ध किया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की चेतावनी: “लगातार गिरेंगी विकेट”
कबीरधाम पुलिस ने सट्टेबाजों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जिले में ऑनलाइन जुए और सट्टे के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
”नागरिक आईपीएल का आनंद खेल के रूप में लें, सट्टेबाजी के दलदल में न फंसें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।”
कार्यवाही में इनकी रही मुख्य भूमिका:
इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक अजय सिन्हा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी नारायण मोहले, आरक्षक हुकुम माथुर, राजू चंद्रवंशी और अजय जायसवाल का विशेष योगदान रहा।

