खैरागढ़/गंडई: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गंडई थाना क्षेत्र के मानपुर नाका इलाके में शनिवार सुबह एक खेत में रखे पैरे (धान के अवशेष) के ढेर में जलता हुआ शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 95 वर्षीय बुजुर्ग के रूप में हुई है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश।
धुएं के गुबार के बीच दिखा शव
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह ग्रामीणों ने मानपुर नाका के पास एक खेत में आग की लपटें और धुआं उठते देखा। जब ग्रामीण आग बुझाने के लिए पास पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। पैरे के ढेर के बीच एक बुजुर्ग का शव जल रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना गंडई थाना पुलिस को दी।
छड़ी और डंडे से हुई पहचान
मौके पर पहुंची पुलिस ने आग पर काबू पाया और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस को शव के पास से एक छड़ी और डंडा मिला, जिसके आधार पर मृतक की पहचान दुर्जनराम वर्मा (95 वर्ष), पिता स्व. धरसिया वर्मा के रूप में की गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि बुजुर्ग अक्सर टहलते हुए उस खेत की ओर जाया करते थे।
जांच में जुटी पुलिस: हादसा या हत्या?
बुजुर्ग की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 95 साल के दुर्जनराम पैरे के ढेर तक कैसे पहुंचे और वहां आग कैसे लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
- क्या ठंड से बचने के लिए जलाई गई आग हादसे का कारण बनी?
- या फिर इस मौत के पीछे किसी की साजिश है?
पुलिस इन तमाम पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
”शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर हर एंगल से जांच की जा रही है।” — पुलिस अधिकारी, गंडई थाना

