खैरागढ़। जिले की खैरागढ़ पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 12 घंटे के भीतर सुलझाते हुए दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा किया है। एक नाबालिक बालिका को प्रेम जाल में फंसाकर, उसका अपहरण करने के बाद चलती ट्रेन से फेंककर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी मोहन वर्मा सहित उसके दो साथियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

शादी समारोह से हुई थी लापता
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम चिचोला निवासी प्रार्थी शैलेन्द्र वर्मा की नाबालिक बेटी 28 मार्च को अपने नाना के घर ग्राम पिपरिया (खैरागढ़) में एक शादी समारोह में गई थी। रिसेप्शन के दौरान वह अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर थाना खैरागढ़ में धारा 137(2) BNS के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
साजिश के तहत ट्रेन से फेंका नीचे
तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुख्य संदेही मोहन वर्मा (27 वर्ष) को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसका पीड़िता के साथ एक साल से प्रेम प्रसंग था। जब पीड़िता ने साथ रहने के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपी ने अपने दोस्त हरीश वर्मा (31 वर्ष) और एक अन्य नाबालिक साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
वारदात का क्रम:
- अपहरण और भेष बदलना: 28 मार्च की रात आरोपियों ने बालिका का अपहरण किया। पहचान छुपाने के लिए उसके कपड़े बदलवाए और उसका मोबाइल तोड़कर फेंक दिया।
- ट्रेन यात्रा: आरोपी पीड़िता को लेकर डोंगरगढ़ स्टेशन पहुंचे और वेनगंगा एक्सप्रेस से बिलासपुर के लिए निकले।
- जघन्य हत्या: ट्रेन में विवाद होने पर आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से मस्तुरी (बिलासपुर) के जयरामनगर रेलवे स्टेशन के पास बालिका को चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
- साक्ष्य मिटाना: हत्या के बाद आरोपी अकलतरा स्टेशन पर उतरे और वापस लौटते समय पीड़िता के पुराने कपड़ों को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
सीसीटीवी ने खोला राज
पुलिस ने खैरागढ़, डोंगरगढ़ और अकलतरा रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी और पीड़िता एक साथ नजर आए। बिलासपुर पुलिस ने जयरामनगर के पास से एक अज्ञात शव बरामद किया था, जिसकी शिनाख्त बाद में पीड़िता के रूप में हुई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त 2 मोबाइल फोन और 1 मोटरसाइकिल जब्त की है। मामले में धारा 137(2), 103(1), 140(1), 62(2), 238 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों बालिग आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, वहीं विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
इस त्वरित और सफल कार्यवाही में खैरागढ़ थाना, साइबर सेल और मस्तुरी (बिलासपुर) पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


