खैरागढ़/छुईखदान, छत्तीसगढ़। क्षेत्र में प्रस्तावित श्री सीमेंट प्लांट के विरोध में किसानों का आंदोलन शनिवार को उस समय हिंसक हो गया जब सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने राजनांदगांव-कवर्धा स्टेट हाईवे को जाम कर दिया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। किसान 11 दिसंबर को होने वाली जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
🏛️ एसडीएम कार्यालय पर सौंपा ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण ढंग से हुई, जब बड़ी संख्या में किसान छुईखदान एसडीएम कार्यालय पहुँचे। उन्होंने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर श्री सीमेंट प्लांट के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई को तुरंत निरस्त करने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर यह प्लांट नहीं खुलने देंगे।
🛣️ सड़क पर बैठकर नारेबाजी, फिर चक्काजाम
एसडीएम से मुलाकात के बाद किसानों ने कलेक्टर से मुलाकात और उनके आश्वासन की मांग को लेकर सड़क पर ही बैठकर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण होता गया। सैकड़ों की संख्या में किसान राजनांदगांव-कवर्धा स्टेट हाईवे पर पहुँचे और चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
💥 आंदोलन हुआ उग्र, तोड़फोड़ और लाठीचार्ज
शांतिपूर्ण चल रहा यह आंदोलन जल्द ही उग्र आंदोलन में तब्दील हो गया। भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों और युवाओं ने सड़क पर खड़ी कई वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान एक बस के शीशे तोड़ दिए गए। उपद्रवियों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरीकेडिंग को भी तोड़ने का प्रयास किया।
इसके बाद, पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच काफी खींचतान देखने को मिली। एक समय तो ऐसा भी आया जब उपद्रवियों के सामने पुलिस को पीछे हटना पड़ा और उन्हें दौड़ना पड़ा। हालाँकि, काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और चक्काजाम समाप्त हुआ।
❓ अब सबकी निगाहें 11 दिसंबर की जनसुनवाई पर
फिलहाल स्थिति शांत है, लेकिन किसानों का कड़ा रुख बरकरार है। इस उग्र प्रदर्शन के बाद अब सभी की निगाहें 11 दिसंबर को होने वाली जनसुनवाई पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस जनविरोध के सामने सुनवाई को निरस्त करता है या फिर निर्धारित तिथि पर कार्यवाही आगे बढ़ती है।

