कोरबा, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ तंत्र-मंत्र के फेर में एक कबाड़ व्यवसायी समेत तीन लोगों की रहस्यमय परिस्थितियों में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में ‘बैगा’ (तांत्रिक) सहित चार मुख्य आरोपियों और कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना पुलिस के लिए भी एक बड़ा सवाल बन गई है क्योंकि गला घोंटने के दौरान पीड़ितों ने न तो कोई प्रतिरोध किया और न ही कमरे के बाहर खड़े किसी व्यक्ति ने कोई चीख सुनी।
मृतकों की पहचान कबाड़ व्यवसायी अशरफ मेमन, दूध व्यवसायी सुरेश साहू और बिलासपुर के वाहन चालक नीतेश राठौर के रूप में हुई है।
🚫 ‘लक्ष्मण रेखा’ के खौफ में मौत का खेल
यह दिल दहला देने वाली घटना कोरबा के कुदरी स्थित एक स्क्रैप यार्ड के अंदर घटी। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी, बिलासपुर से आया कथित बैगा आशीष दास (24 वर्ष) है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आशीष दास ने कमरे के अंदर लकड़ी से एक घेरा (कथित ‘लक्ष्मण रेखा’) खींच दिया था। उसने बाहर खड़े अशरफ मेमन के बेटे, भांजे और चालक सहित अन्य लोगों को सख्त हिदायत दी थी कि कोई भी इस घेरे को लांघकर अंदर न आए, नहीं तो ‘अनर्थ’ हो जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर ने बताया कि बैगा के इस खौफ के कारण बाहर खड़े लोग वहीं जमे रहे। आशीष दास एक-एक कर लोगों को अंदर बुलाता रहा, जहाँ रस्सी से उनका गला घोंटकर ‘मौत का खेल’ खेला जाता रहा।
🤯 रस्सी खींची गई, लेकिन चीख नहीं सुनाई दी!
एडिशनल एसपी ठाकुर के अनुसार, कमरे के बाहर निकाली गई नायलॉन की रस्सी को बैगा के कहने पर उसके साथी राजेंद्र जोगी, केशव सूर्यवंशी और अश्वनी कुर्रे एक साथ पूरी ताकत लगाकर खींचते थे, जिससे फंदा कस जाता था।
पुलिस इस बात से हैरान है कि फंदा कसने के बावजूद तांत्रिक के कमरे से किसी तरह की कोई चीख या संघर्ष की आवाज बाहर क्यों नहीं सुनाई दी। बाहर खड़े सभी लोगों ने अपने बयान में अंदर किसी भी तरह की गतिविधि की जानकारी होने से इनकार किया है।
मृतक अशरफ मेमन के भाई इमरान मेमन ने मृतक के हाथ के पास इंजेक्शन लगाने का निशान मिलने की बात कही है। एडिशनल एसपी ठाकुर ने भी स्वीकार किया है कि तीनों को बेहोश करने के बाद तंत्र क्रिया की आशंका अब बलवती हो गई है। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस रहस्य से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।
💰 रुपये ढाई गुना करने का लालच था मुख्य साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य मकसद रुपये लूटकर भागना था।
महज 24 वर्षीय बैगा आशीष दास ने राजेंद्र जोगी (जिसका बिलासपुर में मेडिकल स्टोर है), केशव सूर्यवंशी और अश्वनी कुर्रे जैसे उम्रदराज लोगों को अपने झांसे में ले लिया था। ये तीनों पिछले चार साल से ‘हंडा तंत्र-मंत्र’ से जुड़े बर्तन की खोज में थे।
आशीष दास ने इन्हें 5 लाख रुपये को ढाई गुना यानी करीब 12.5 लाख रुपये करने का लालच दिया था। इसी लालच में सुरेश साहू ने 1 लाख रुपये और अशरफ मेमन ने 4 लाख रुपये दिए थे।
एडिशनल एसपी ठाकुर ने बताया कि बैगा गिरोह का उद्देश्य रुपये लूटकर भागने का था। तीन लोगों पर तंत्र क्रिया करने के बाद जब वहाँ मौजूद अन्य लोगों को अंदर बुलाया गया, तो वे विरोध पर उतर आए। साथ ही मूर्छित लोगों के होश में नहीं आने पर विवाद शुरू हो गया, जिससे बैगा गिरोह की योजना असफल हो गई। पुलिस का मानना है कि अगर यह विवाद न होता, तो बैगा की योजना और भी लोगों की जान लेने की थी।

