रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक सनसनीखेज मामले में विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की कोर्ट ने फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर को कठोर आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। राठौर पर एक जिला पंचायत सदस्य महिला को विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देने और ओयो लॉज में बंधक बनाकर फिर से बलात्कार करने और पिटाई करने का आरोप सिद्ध हुआ है।न्यायाधीश ने अभियुक्त पर ₹8,000 का अर्थदंड भी लगाया है, जिसका भुगतान न करने पर उसे 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इस मामले में सुनवाई 3 नवंबर, सोमवार को पूर्ण हुई।क्या था पूरा मामला?विशेष लोक अभियोजक उमा शंकर वर्मा ने कोर्ट को बताया कि:परिचय और प्रेम जाल: अभियुक्त फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर की पहचान लगभग तीन साल पहले पड़ोसी ज़िले की जिला पंचायत सदस्य युवती से हुई थी। राठौर ने खुद को अविवाहित बताया और दोनों लगभग 18 माह तक संबंध में रहे।धोखा और विवाद: युवती को बाद में पता चला कि राठौर शादीशुदा है और वह भावनात्मक रूप से उसका शोषण कर रहा था। इस पर युवती ने बातचीत बंद कर दी।ब्लैकमेलिंग: बातचीत बंद करने के बाद, राठौर उसे बार-बार दोनों के अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा।बंधक बनाकर दुष्कर्म: धमकी से तंग आकर, युवती 28 फरवरी 2023 को रायपुर आई क्योंकि राठौर ने वीडियो डिलीट करने का वादा किया था। रात करीब 9:30 बजे, राठौर उसे कचना स्थित ओयो लॉज में ले गया, जहां उसने युवती के हाथ-पैर बांधकर जबरन बलात्कार किया।मारपीट और साथियों की संलिप्तताअगले दिन शाम को जब राठौर युवती को छोड़ने के लिए निकला, तो उसने भटगांव तालाब के पास अपने साथियों – प्रमिला साहू, कौशल प्रसाद साहू, रजनीकांत साहू, उर्मिला साहू और अनिता साहू – को बुला लिया। इन सभी ने मिलकर पीड़िता के साथ मारपीट की और उसका पर्स छीन लिया। देर रात करीब 2 बजे उसे रायपुर के पड़ोसी ज़िले में छोड़कर भाग गए।न्यायालय का फैसलापीड़िता ने घटना के बाद खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में राठौर का सहयोग करने वाले सभी अभियुक्तों को पहले ही सज़ा मिल चुकी है।प्रकरण की सुनवाई के दौरान पुलिस की केस डायरी, पेश किए गए साक्ष्य और 23 गवाहों के बयानों की गहन जांच की गई। विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, साक्ष्य और सबूतों के आधार पर फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।

