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LPG यूजर्स के लिए खतरे की घंटी: केरल पुलिस ने जारी किया ‘मैलवेयर’ अलर्ट।

डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर ठगों ने अब आपकी रसोई तक सेंध लगा दी है। देश में एक नया और बेहद खतरनाक साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसमें LPG गैस सिलेंडर बुकिंग और बिल अपडेट के नाम पर लोगों के जीवन भर की कमाई उड़ाई जा रही है। केरल पुलिस ने इस नए ‘APK स्कैम’ को लेकर देशभर के नागरिकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है।

कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?

​साइबर अपराधी इस फ्रॉड को बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम देते हैं:

  1. पहला कदम (SMS): पीड़ित को एक मैसेज भेजा जाता है कि आपका LPG बिल पेंडिंग है या आपकी गैस बुकिंग कैंसिल होने वाली है।
  2. दूसरा कदम (WhatsApp): जैसे ही यूजर रिस्पॉन्स देता है, ठग WhatsApp पर संपर्क करते हैं और सहायता के नाम पर “Gas Bill Update APK” नाम की एक फाइल भेजते हैं।
  3. तीसरा कदम (APK इंस्टॉल): जैसे ही यूजर इस फाइल को डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल का पूरा कंट्रोल ठगों के पास चला जाता है।

आपका फोन बन जाता है ठगों का रिमोट

​विशेषज्ञों के अनुसार, यह APK फाइल असल में एक मैलवेयर (खतरनाक सॉफ्टवेयर) है। इसे इंस्टॉल करते ही अपराधी आपके:

  • ​बैंकिंग ऐप्स और UPI डिटेल्स।
  • ​पासवर्ड और पिन।
  • ​आने वाले सभी OTP (वन टाइम पासवर्ड)। इन सभी का एक्सेस चुपके से हासिल कर लेते हैं और बिना आपकी जानकारी के बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं।

बचाव के लिए क्या करें? (पुलिस की सलाह)

​पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:

  • अनजान फाइल से तौबा: WhatsApp या SMS के जरिए आई किसी भी .APK फाइल को कभी डाउनलोड न करें।
  • ऑफिशियल माध्यम ही चुनें: गैस बुकिंग या पेमेंट के लिए केवल गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या रजिस्टर्ड मोबाइल ऐप (जैसे- Indane, HP Pay, या BharatGas) का ही उपयोग करें।
  • संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, चाहे वह कितना ही जरूरी क्यों न लगे।
  • पुष्टि करें: अगर बिल से जुड़ा कोई मैसेज आता है, तो पहले अपनी गैस एजेंसी जाकर या कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें।

ठगी होने पर क्या करें?

​यदि आप गलती से इस फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं या कोई संदिग्ध फाइल डाउनलोड कर लेते हैं, तो:

  1. ​तुरंत अपना इंटरनेट बंद करें और फोन को फैक्ट्री रिसेट करें।
  2. ​अपने बैंक को तुरंत सूचित कर खाते और कार्ड ब्लॉक करवाएं।
  3. राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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