महासमुंद। छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (NH-53) पर घेराबंदी कर 2 करोड़ 6 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की है।
ओडिशा से पुणे जा रही थी ‘मौत की खेप’
पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा के रास्ते महाराष्ट्र की ओर भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने रेहटीखोल के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रही एक फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो को संदेह के आधार पर रोका गया। जब वाहनों की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए; लग्जरी गाड़ियों के भीतर भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया था।
जब्ती का विवरण: करोड़ों में है कीमत
पुलिस की इस कार्रवाई में न केवल ड्रग्स बल्कि तस्करी में इस्तेमाल किए गए महंगे वाहन भी जब्त किए गए हैं:
| वस्तु | मात्रा/संख्या | अनुमानित कीमत |
|---|---|---|
| अवैध गांजा | 281.900 किलोग्राम | ₹ 1,40,95,000 |
| फॉर्च्यूनर कार | 01 | ₹ 40,00,000 |
| स्कॉर्पियो कार | 01 | ₹ 25,00,000 |
| मोबाइल फोन | 04 | ₹ 50,000 |
| कुल जब्ती | — | ₹ 2,06,45,000 |
महाराष्ट्र के 5 तस्कर गिरफ्तार
पकड़े गए सभी आरोपी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि वे यह गांजा ओडिशा के फुलवानी से लेकर पुणे (महाराष्ट्र) जा रहे थे।
कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जांच का दायरा बढ़ा
महासमुंद पुलिस अब इस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुँचना है और यह पता लगाना है कि ओडिशा से पुणे तक फैले इस नेटवर्क में और कौन-कौन से सफेदपोश चेहरे शामिल हैं।
इस बड़ी सफलता के बाद जिले के पुलिस महकमे में उत्साह है, वहीं नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

