बेमेतरा/देवकर: सूर्य के उत्तरायण होने का महापर्व मकर संक्रांति इस वर्ष देवकर सहित पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। त्योहार को लेकर नगर के बाजारों में तिल, गुड़ और पतंगों की रौनक बढ़ गई है।
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और शुभ मुहूर्त:क्षेत्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम नारायण शर्मा के अनुसार, इस वर्ष सूर्य देव 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3:13 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। चूंकि सूर्य का गोचर दोपहर के समय हो रहा है, इसलिए इस दिन ‘पुण्य काल’ का विशेष महत्व रहेगा।
पंडित जी ने बताया कि:
- महापुण्य काल: दोपहर 03:13 से शाम 04:58 तक रहेगा। इस दौरान किया गया दान और पवित्र नदियों या सरोवरों में स्नान अक्षय फल प्रदान करेगा।
- संक्रांति का वाहन: इस बार संक्रांति का आगमन विशेष वाहन पर हो रहा है, जो क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों के लिए आगामी समय में समृद्धि के संकेत दे रहा है।

23 साल बाद बना ‘षटतिला एकादशी’ का संयोग:
ज्योतिषाचार्य प्रेम नारायण शर्मा ने विशेष जानकारी देते हुए बताया कि इस साल मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो पिछले 23 वर्षों में नहीं देखा गया। इस दिन तिल का छह प्रकार से उपयोग (तिल स्नान, तिल का उबटन, तिल का तर्पण, तिल का दान, तिल का भोजन और तिल से हवन) करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पंडित प्रेम नारायण शर्मा जी ने क्षेत्रवासियों को सलाह दी है कि संक्रांति के अवसर पर अपनी सामर्थ्य अनुसार तिल, गुड़, नए वस्त्र और खिचड़ी का दान जरूर करें, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहे।

