दुर्ग: साइबर ठगी और फर्जी बैंक खातों के काले कारोबार के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने म्युल अकाउंट (किराए के खाते) सप्लाई करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दर्जनों एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
20 हजार का लालच देकर फंसाते थे जाल में
मामले का खुलासा तब हुआ जब पदमनाभपुर थाना क्षेत्र के एक मोबाइल दुकान संचालक ने रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी लोकेश जाधव उर्फ लक्की ने प्रार्थी को झांसा दिया था कि उसके भाई का बाहर से पैसा आना है और उसके पास खाता नहीं है। प्रार्थी को 20,000 रुपये का लालच देकर उसके एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक के खाते ले लिए गए। जब प्रार्थी का खाता ‘फ्रीज’ हुआ, तब उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस की शरण ली।

बस स्टैंड पर फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
एफआईआर दर्ज होने की खबर मिलते ही मुख्य आरोपी लोकेश जाधव महाराष्ट्र भागने की फिराक में था। पदमनाभपुर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दुर्ग बस स्टैंड से दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अन्य व्यक्तियों के 33 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक और 12 सिम कार्ड मिले।
भाई के घर पुलिस की दबिश, खुला राज
पूछताछ में लोकेश ने बताया कि वह अपने बड़े भाई टवन कुमार जाधव के साथ मिलकर खातों की सप्लाई करता है। पुलिस ने बोरसी स्थित टवन के घर पर दबिश दी, जहाँ से भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद हुए। इसके बाद गिरोह से जुड़े तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी का विवरण:
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:
- 78 एटीएम और क्रेडिट कार्ड
- 21 चेकबुक
- 18 बैंक पासबुक
- 16 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड
ये आरोपी हुए गिरफ्तार:
- लोकेश जाधव (35 वर्ष) – निवासी बोरसी, दुर्ग (मुख्य आरोपी)
- टवन कुमार जाधव (37 वर्ष) – निवासी बोरसी, दुर्ग
- विनय सिंह सेंगर (23 वर्ष) – निवासी हुडको, भिलाई
- राजु गायकवाड (24 वर्ष) – निवासी नेहरू नगर
- अमित मिश्रा (30 वर्ष) – निवासी हुडको भिलाई
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ पदमनाभपुर थाना में अपराध क्रमांक 566/25 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

