नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ कैंप में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस आरक्षक ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद कैंप में हड़कंप मच गया। घायल जवान को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कैंप में सुबह गूंजी फायरिंग की आवाज
यह दुखद घटना आज, 25 दिसंबर की सुबह थाना कोहकमेटा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोड़नार कैंप में हुई। जानकारी के मुताबिक, आरक्षक क्रमांक 428 पिंगल जुरी कैंप में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्होंने अचानक अपनी सर्विस राइफल से अपने सिर पर गोली चला दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास मौजूद अन्य जवान तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां आरक्षक लहूलुहान हालत में पड़े मिले। साथी जवानों ने बिना वक्त गंवाए उन्हें जिला अस्पताल नारायणपुर पहुंचाया।
अत्यधिक रक्तस्राव बना मौत का कारण
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, गोली सिर पर लगने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) हुआ था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही जवान की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस विभाग ने जवान के परिजनों को सूचित कर दिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
आत्महत्या का कारण: स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां!
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह बात निकलकर सामने आ रही है कि आरक्षक पिंगल जुरी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि बीमारी से परेशान होकर ही उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि घटना के पीछे के असल कारणों का स्पष्ट पता चल सके।
नोट: पुलिस विभाग में तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए लगातार काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाते रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं विभाग के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं।

