कवर्धा | जिला कबीरधाम की बोड़ला पुलिस ने रानीदहरा जलप्रपात के पास मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने न केवल 48 घंटों के भीतर मृतिका की पहचान की, बल्कि महज 5 दिनों के भीतर मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे से ढूंढ निकाला। प्रेम प्रसंग और सामाजिक बदनामी के डर से रची गई इस हत्या की साजिश में आरोपी के पिता और दोस्त भी शामिल थे, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 19 मार्च 2026 को बोड़ला थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रानीदहरा जलप्रपात के पास एक अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। शव की स्थिति को देख हत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन मृतिका की पहचान न हो पाना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन और एएसपी पुष्पेन्द्र बघेल व अमित पटेल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

तकनीकी साक्ष्य और 48 घंटे में पहचान
थाना प्रभारी निरीक्षक रूपक शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने बहुस्तरीय जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स खंगाले गए और फील्ड टीम ने आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस की मेहनत रंग लाई और मात्र 2 दिनों में मृतिका की पहचान सुखमती बैगा (निवासी मुंगेली) के रूप में हुई।
पुणे तक पीछा कर दबोचा मुख्य आरोपी
जांच के दौरान पुलिस का शक देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल पर गहराया। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि देवेन्द्र महाराष्ट्र भाग गया है। कबीरधाम पुलिस की एक विशेष टीम तत्काल पुणे रवाना हुई और घेराबंदी कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर देवेन्द्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की पूरी कहानी बयां कर दी।

पिता और दोस्त के साथ मिलकर रची साजिश
आरोपी देवेन्द्र ने बताया कि उसका मृतिका सुखमती बैगा के साथ प्रेम संबंध था। वह सामाजिक बदनामी से डरा हुआ था, इसलिए उसने अपने पिता केशव प्रसाद जायसवाल और दोस्त मनोज पटेल के साथ मिलकर हत्या का ब्लूप्रिंट तैयार किया।
- वारदात: 16 मार्च की शाम वे मृतिका को बहाने से रानीदहरा जलप्रपात ले गए।
- हत्या: वहां पत्थर से सिर पर प्राणघातक हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।
- साक्ष्य मिटाना: पहचान छिपाने और मामले को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को झरने के नीचे फेंक दिया गया।
डमी पुतले से सीन रिक्रिएशन
पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपी की मौजूदगी में घटनास्थल पर ‘सीन रिक्रिएट’ किया। डमी पुतले के माध्यम से यह समझा गया कि आरोपियों ने किस तरह वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद कर लिए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल (26 वर्ष): मुख्य आरोपी (निवासी मुंगेली)।
- केशव प्रसाद जायसवाल: आरोपी का पिता।
- मनोज पटेल (32 वर्ष): सहयोगी मित्र।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में निरीक्षक रूपक शर्मा, एएसआई गोविंद चन्द्रवंशी, प्रहलाद चन्द्रवंशी, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक वैभव कल्चुरी, मनोज महोबिया और उनकी पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस की अपील: कबीरधाम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अज्ञात व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें ताकि अपराधों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।

