रायगढ़: जिला मुख्यालय स्थित सहायक संचालक मछली पालन विभाग के कार्यालय में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में कार्यालय के भीतर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सबसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज जलकर राख हो गए हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस आगजनी में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
रविवार की छुट्टी के दौरान भड़की लपटें
मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। रविवार को दफ्तर बंद होने के कारण कार्यालय परिसर में सन्नाटा था, तभी अचानक एक हिस्से से धुआं और लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय मोहल्लेवासियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी।
दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत
सूचना मिलते ही दमकल की टीम वाहनों के साथ मौके पर पहुंची। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कर्मियों को इसे बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी देर तक चले ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
शॉर्ट सर्किट हो सकता है कारण
मौके पर पहुंचे चक्रधर नगर थाना प्रभारी और पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। एएसपी अनिल कुमार सोनी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया:
”मछली पालन विभाग में आग लगने की सूचना पर तत्काल टीमें भेजी गईं। आग बुझा ली गई है और कोई जनहानि नहीं हुई है। संबंधित विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।”
पुलिस की प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, विभाग अब तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आग लगने के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।
नुकसान का विवरण:
- दस्तावेज: महत्वपूर्ण विभागीय फाइलें और रिकॉर्ड।
- उपकरण: कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान।
- फर्नीचर: कार्यालय की कुर्सियां, मेज और अलमारियां।

