रायपुर। राजधानी के न्यू राजेन्द्र नगर इलाके में पिछले महीने मिली एक युवती की अंधी हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। यह मामला न केवल एक नृशंस हत्या का है, बल्कि इसके पीछे शहर के एक शातिर चोरी गिरोह का भी हाथ था। पुलिस ने मुख्य आरोपी हरीश पटेल को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया है।
हत्या की खौफनाक वारदात
पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 20 नवंबर को आरोपी हरीश पटेल युवती को लेकर दुर्ग के एक होटल पहुंचा था। वहां युवती पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया, जिसका विरोध करने पर आरोपी और उसके साथी ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
लाश के साथ 40 किमी का सफर:
पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने लाश को ठिकाने लगाने का फिल्मी तरीका अपनाया। उन्होंने मृतका के शव को मोटरसाइकिल पर बीच में बिठाया और दुर्ग से रायपुर तक करीब 40 किलोमीटर का सफर तय किया। इसके बाद रायपुर के अमलीडीह (न्यू राजेन्द्र नगर) स्थित एक सूने प्लॉट में लाश फेंककर फरार हो गए।

प्रयागराज से पकड़ा गया ‘मास्टरमाइंड’
22 नवंबर को लाश मिलने के बाद आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर ACCU और स्थानीय पुलिस की टीम सक्रिय हुई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट के आधार पर देवार बस्ती के शातिर चोर हरीश पटेल की पहचान हुई। पुलिस की टीमों ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में छापेमारी की और अंततः उसे प्रयागराज (यूपी) से धर दबोचा।
हत्यारे के घर से 60 लाख का ‘खजाना’ बरामद

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि हरीश पटेल कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि एक शातिर चोरी गिरोह का सरगना है। उसने अपने साथियों अरविंद नेताम और उषा राठौर के साथ मिलकर रायपुर के विधानसभा, डी.डी. नगर और मुजगहन जैसे इलाकों में 11 सूने मकानों में चोरी की वारदातें कबूल की हैं।
पुलिस ने गिरोह के पास से जब्त किया:
- 400 ग्राम सोने के जेवरात
- 3 किलोग्राम चांदी
- नगदी और मोबाइल फोन
- कुल मशरूका: लगभग 60 लाख रुपये
टीम की कामयाबी
इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने में ACCU प्रभारी सचिन सिंह और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस अब गिरोह के एक फरार सदस्य की तलाश में जुटी है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

