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लंदन टूर का झांसा और 18000 डॉलर गायब; जानिए कैसे रायपुर पुलिस ने सुलझाई ‘करंसी टॉवर’ की गुत्थी।

रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में टूर एंड ट्रेवल्स व्यवसायी से 20 लाख रुपये मूल्य के डॉलर की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के तीसरे मुख्य सदस्य, अमन शर्मा (18 वर्ष) को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है।

​इस शातिर गिरोह ने पिछले दो वर्षों में देश के 9 राज्यों में ठगी की 22 वारदातों को अंजाम देकर करीब 3 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा पर हाथ साफ किया है।

कैसे पकड़ा गया तीसरा आरोपी?

​पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अमन शर्मा मूल रूप से रेवाड़ी (हरियाणा) का निवासी है, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए वह वर्तमान में लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में ठिकाना बदले हुए था। इस मामले में पुलिस ने अमन के बड़े भाई मयंक शर्मा और एक अन्य सहयोगी प्रोसेनजित चक्रवर्ती को वारदात के 10 दिनों के भीतर ही दबोच लिया था। अमन की तलाश में पुलिस की एक विशेष टीम लगातार तकनीकी इनपुट के आधार पर पीछा कर रही थी, जिसे अंततः कोलकाता में ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया गया।

ठगी का ‘इंटरस्टेट’ जाल: 9 राज्यों में फैला था नेटवर्क

​आरोपियों से पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी चौंका दिया है। इस गिरोह ने केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी संगठित तरीके से अपराध किया है:

  • प्रभावित राज्य: महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश।
  • कुल वारदातें: अब तक 22 बड़ी वारदातों का खुलासा हुआ है।
  • ठगी की रकम: आरोपियों ने लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी करंसी (डॉलर आदि) विभिन्न व्यवसायियों से उड़ाई है।

वारदात की कहानी: लंदन टूर के बहाने बिछाया जाल

​इस पूरे मामले का खुलासा तेलीबांधा निवासी हरदीप सिंह होरा की शिकायत के बाद हुआ। हरदीप गुरुनानक नगर में रहते हैं और टूर एंड ट्रेवल्स का व्यवसाय करते हैं।

  1. संपर्क: आरोपियों ने लंदन टूर के लिए होटल बुकिंग करने के नाम पर हरदीप को कॉल किया।
  2. मुलाकात: खुद को बड़ा क्लाइंट बताकर आरोपी मयंक शर्मा और प्रोसेनजित चक्रवर्ती फ्लाइट से रायपुर पहुंचे।
  3. धोखाधड़ी: आरोपियों ने करंसी टॉवर के पास व्यवसायी से मुलाकात की और 18,000 यूएस डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 20 लाख रुपये) हासिल किए। इसके बाद वे चकमा देकर फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी शिकंजा

​मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

  • धाराएं: 318(4) (धोखाधड़ी), 3(5) (साझा इरादा), और 111 (संगठित अपराध)
  • ​यह छत्तीसगढ़ में संभवतः उन शुरुआती मामलों में से एक है जहां ठगी के गिरोह पर ‘संगठित अपराध’ की धाराएं लगाई गई हैं।
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