रायपुर | राजधानी में सट्टेबाजों के सिंडिकेट पर रायपुर कमिश्नरेट ने अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। टी-20 वर्ल्ड कप के आगाज से ठीक पहले, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और गंज थाना पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दफ्तरों में नहीं बल्कि सड़कों पर दौड़ती लग्जरी कारों से सट्टे का काला कारोबार चला रहा था।
🚗 चलती कारों में बना रखा था ‘कंट्रोल रूम’
पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र के नागोराव गली अंडरब्रिज के पास कुछ लोग अपनी गाड़ियों में बैठकर ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर जब घेराबंदी की गई, तो मौके पर दो महिंद्रा थार और एक नेक्सा XL-6 कार संदिग्ध मिली। तलाशी के दौरान पुलिस भी दंग रह गई; कारों के भीतर से भारी मात्रा में कैश और मोबाइल फोन बरामद हुए।
🌐 मास्टर आईडी का बड़ा नेटवर्क: MP और महाराष्ट्र तक कनेक्शन
जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह jmdbet777.com और Classic777.com जैसी वेबसाइट्स के जरिए सट्टा खिला रहा था। आरोपी रखब देव पाहुजा और पीयूष जैन कमीशन के आधार पर मास्टर आईडी बांटते थे। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के तार छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी जुड़े हुए हैं।

💰 जब्ती का विवरण (कुल मूल्य: ₹92.50 लाख)
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में संपत्ति कुर्क की है:
- नगद राशि: ₹37,50,000 (हवाला से जुड़े होने का संदेह)
- लग्जरी गाड़ियां: 02 महिंद्रा थार और 01 नेक्सा XL-6 (कीमत करीब ₹50 लाख)
- गैजेट्स: 10 हाई-एंड स्मार्टफोन (कीमत ₹5 लाख)
👥 गिरफ्त में आए ‘पुराने खिलाड़ी’
गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में से अधिकांश का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है:
- रखब देव पाहुजा (भिलाई): मुख्य सप्लायर और मास्टरमाइंड।
- पीयूष जैन (रायपुर): मास्टर आईडी वितरण का प्रभारी।
- जितेन्द्र कुमार उर्फ जित्तू (रायपुर): पुराना सटोरिया।
- दीपक अग्रवाल (बिलासपुर): कारोबार का अहम साझीदार।
- कमल राघवानी (रायपुर): गिरोह का सक्रिय सदस्य।
- सचिन जैन (रायपुर): आईडी डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल।

