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राजिम कुंभ (कल्प) मेला 2026: आस्था के महाकुंभ में जुटेंगे दिग्गज, 1 फरवरी से होगा भव्य आगाज

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी राजिम में आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का महापर्व ‘राजिम कुंभ (कल्प) मेला 2026’ इस वर्ष अभूतपूर्व भव्यता के साथ आयोजित होने जा रहा है। शासन-प्रशासन ने इस मेले को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के रूप में नई ऊंचाई देने के लिए कमर कस ली है। मेले के दौरान 01 फरवरी से 14 फरवरी तक प्रतिदिन शासन के माननीय मंत्री और संवैधानिक पदाधिकारी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

राज्यपाल करेंगे उद्घाटन, विधानसभा अध्यक्ष भी होंगे शामिल

​मेले का विधिवत शुभारंभ 01 फरवरी 2026 को होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि माननीय राज्यपाल श्री रमन डेका जी होंगे। वहीं, 10 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे, जिनके आतिथ्य हेतु सहमति प्राप्त हो चुकी है।

तिथिवार मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों की सूची

​धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, मेले के प्रत्येक दिन प्रदेश के प्रमुख नेतृत्वकर्ता उपस्थित रहेंगे:

तिथिमुख्य/विशिष्ट अतिथि
01 फरवरीमाननीय श्री रमन डेका, राज्यपाल (उद्घाटन समारोह)
02 फरवरीमाननीय श्री अरूण साव, उप मुख्यमंत्री
03 फरवरीमाननीय श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री
04 फरवरीमाननीय श्री राम विचार नेताम, मंत्री
05 फरवरीमाननीय श्री दयाल दास बघेल, मंत्री
06 फरवरीमाननीय श्री केदार कश्यप, मंत्री
07 फरवरीमाननीय श्री लखन लाल देवांगन, मंत्री
08 फरवरीमाननीय श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री
09 फरवरीमाननीय श्री ओ.पी. चौधरी, मंत्री
10 फरवरीमाननीय डॉ. रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष
11 फरवरीमाननीय श्रीमती लक्ष्मी राजवाडे, मंत्री
12 फरवरीमाननीय श्री टंकराम वर्मा, मंत्री
13 फरवरीमाननीय श्री गजेन्द्र यादव एवं श्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री
14 फरवरीसमापन अवसर (विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति प्रस्तावित)

तैयारियां जोरों पर: श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

​धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के उप सचिव गौरी शंकर शर्मा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे सूचीबद्ध तिथियों पर मंत्रियों से भेंट कर आमंत्रण की प्रक्रिया पूर्ण करें।

​सरकार की मंशा है कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए:

  • सुरक्षा के कड़े प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी कला का प्रदर्शन हो।
  • धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था की जाए।

​यह मेला देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सांस्कृतिक एकता का केंद्र बनेगा। त्रिवेणी संगम पर होने वाला यह स्नान और संतों का सानिध्य छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक शक्ति को वैश्विक मंच प्रदान करेगा।

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