राजनांदगांव, 03 दिसंबर 2025: राजनांदगांव पुलिस की साइबर सेल और सिटी कोतवाली थाना की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ₹1,21,53,590/- (एक करोड़ इक्कीस लाख तिरेपन हजार पांच सौ नब्बे रुपये) की ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के दो और सदस्यों को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपी सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं।
ठगी का तरीका और पर्दाफाश
राजनांदगांव के एक युवा व्यापारी आयुष अग्रवाल को साइबर अपराधियों ने स्वयं को फॉरेक्स/ऑनलाइन ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर रुपये दोगुना करने का लालच दिया। उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से एक फर्जी वेबसाइट लिंक भेजा गया। शुरुआत में, ठगों ने छोटा मुनाफा (₹15,000/-) प्रार्थी के खाते में ट्रांसफर करके उनका विश्वास जीता, जिसके बाद व्यापारी ने बड़े निवेश के लालच में विभिन्न खातों में कुल ₹1.21 करोड़ से अधिक की राशि जमा करा दी। जब प्रार्थी ने रकम निकालने की बात की तो ठगों ने बहाना बनाना शुरू कर दिया, जिस पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 और थाना कोतवाली में एफआईआर (अपराध क्रमांक 656/2025) दर्ज कराई।
जालसाज़ी की तकनीक
- साइबर ठग गिरोह टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहकर घटना को अंजाम देते थे।
- गिरफ्तार आरोपी ‘म्यूल अकाउंट प्रोवाइडर’ के रूप में काम करते थे।
- वे खाताधारकों के मोबाइल में .APK (एंड्रॉयड एप्लिकेशन पैकेज) ऐप इंस्टॉल करवाकर उनका ओटीपी और मोबाइल एक्सेस सीधे विदेशों में बैठे अपने साथियों तक पहुंचाते थे।
- इस एक्सेस के ज़रिए, विदेशों में बैठे फ्रॉडस्टर ठगी की रकम को म्यूल खातों में प्राप्त कर अन्यत्र लेन-देन करते थे।
- आरोपियों को प्रति बैंक खाता कमीशन के रूप में क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में 20-25 हजार रुपये मिलते थे।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सहायता और मनी ट्रेल की जांच शुरू की।
- प्रथम चरण: पूर्व में, टीम ने मध्यप्रदेश के सीहोर और इंदौर से 03 आरोपियों—धीरज सिंग, अरविन्द्र ठाकुर, और डिम्पल सिंह यादव—को 29.11.2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
- द्वितीय चरण: उनके द्वारा दी गई जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, टीम भुवनेश्वर, ओडिशा के लिए रवाना हुई। वहां से गिरोह के अन्य 02 सदस्यों को हिरासत में लिया गया।
ओडिशा से गिरफ्तार आरोपी
- (01) धर्मेन्द्र कुमार (उम्र 36 वर्ष), निवासी हरदेव नगर, दिल्ली।
- (02) राजेश मंडल (उम्र 30 वर्ष), निवासी ग्राम खमरबाद, जिला देवघर (झारखंड)।
गिरफ्तार धर्मेंद्र और राजेश मंडल विदेशों में स्थित स्कैम सेंटर के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करते थे। वे खाताधारक को होटल में निगरानी में रखकर उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर में .APK ऐप इंस्टॉल करवाकर धोखाधड़ी का पैसा प्राप्त कर रहे थे, तभी उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी धर्मेन्द्र के कब्जे से 03 एटीएम कार्ड और 03 मोबाइल सेट जब्त किए गए हैं।
आगे की कार्यवाही
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब म्यूल अकाउंट प्रोवाइडर के साथ-साथ खाता धारकों, बैंक खाता एकत्रित करने वाले एजेंटों और फ्रॉड की रकम निकालने वालों पर भी कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
आज दिनांक 03.12.2025 को आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक श्री विनय पम्मार, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक श्री नंद किशोर गौतम और उनकी संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

