ताज़ा खबर :

अब खैर नहीं! IPL सट्टेबाजों पर पहली बार लगा ‘संगठित अपराध’ का केस, राजनांदगांव में 7 गिरफ्तार।

राजनांदगांव। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) पर दांव लगाने वाले सट्टेबाजों के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिले की पुलिस टीम ने एक फॉर्महाउस में दबिश देकर हाईटेक तरीके से संचालित हो रहे सट्टा रैकेट को ध्वस्त कर दिया है।

​इस कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 यानी ‘संगठित अपराध’ का मामला दर्ज किया है, जिससे सटोरियों में हड़कंप मच गया है।

फॉर्महाउस से चल रहा था ‘सांई ऐप’ का खेल

​पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम खैरझिटी स्थित एक कृषि फॉर्म में लैपटॉप और सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन सट्टे का काला कारोबार चल रहा है। सायबर सेल, थाना घुमका, बसंतपुर और लालबाग की संयुक्त टीम ने जब वहां छापा मारा, तो आरोपी “सांई ऐप” के माध्यम से हर गेंद और ओवर पर लाखों का दांव लगवाते रंगे हाथों पकड़े गए। सट्टेबाज कोड भाषा में पूरा हिसाब-किताब रख रहे थे।

कुल 9 आरोपी रडार पर, 7 गिरफ्तार

​पुलिस ने इस सर्जिकल स्ट्राइक में विभिन्न क्षेत्रों से कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 अन्य के नाम उजागर हुए हैं जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में नागपुर से लेकर राजनांदगांव के स्थानीय सटोरिये शामिल हैं:

  1. नितिन उर्फ लिंबू (चिखली)
  2. अमित सोनी (सोनारपारा)
  3. रियाज खान (कंचन बाग)
  4. चन्द्रशेखर सिन्हा (खैरझिटी)
  5. जसमीत सिंह (नागपुर)
  6. सागर सोनकर (नंदई)
  7. राहुल सोनकर (नंदई)

20.23 लाख रुपये का मशरूका बरामद

​पुलिस ने छापेमारी के दौरान लग्जरी कारों सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जप्त किए हैं:

  • वाहनों की जप्ती: एक होंडा सिटी कार और एक प्रोन्स (Fronx) कार।
  • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: 01 लैपटॉप और 09 नग हाई-एंड स्मार्टफोन।
  • दस्तावेज व नगदी: सट्टा पट्टी की कॉपी (जिसमें 7.68 लाख का हिसाब दर्ज है) और नगद राशि।
  • कुल मूल्यांकन: जप्त सामग्री की कुल बाजार कीमत 20,23,950 रुपये आंकी गई है।

कानून का कड़ा शिकंजा: जोड़ी गई ‘संगठित अपराध’ की धारा

​अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर ने बताया कि यह केवल जुआ नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध है। इसलिए आरोपियों पर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के साथ-साथ BNS की धारा 111 (संगठित अपराध), धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) लगाई गई है। आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

​इस बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने में सायबर सेल के DSP एलेक्ज़ेंडर किरो, थाना प्रभारी विजय मिश्रा (घुमका), एमन साहू (बसंतपुर) और रमेश पटेल (लालबाग) सहित उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।

पुलिस का संदेश: “राजनांदगांव पुलिस के पास सट्टेबाजों की नामजद सूची तैयार है। यह कार्रवाई अभी थमी नहीं है, आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां की जाएंगी।”

WhatsApp
Facebook
Telegram
X

ख़बर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें

(संपर्क करें - 8817455556-9630244446)

और पढ़ें


करोड़ों की ‘नशीली खेप’ चकनाचूर: पुलिस की नाकेबंदी में फंसे महाराष्ट्र के 5 सौदागर

महासमुंद। छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब…

द बिरनपुर फाइल: सच्चाई का आईना या सिर्फ एक फिल्म? जानें क्या कह रही है जनता

रायपुर/बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के सिनेमाघरों में हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'द…