साजा | जनपद पंचायत साजा के सभा कक्ष में आज विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला पंचायत सीईओ श्रीमती प्रेमलता पद्माकर ने सुस्त कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। पंचायत सचिवों की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए सीईओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की योजनाओं में कोताही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और बुनियादी निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत परखी गई।
आवास योजना: “काम पूरा करें या निरस्त होगी मंजूरी”
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की धीमी प्रगति पर सीईओ ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- युद्धस्तर पर कार्य: सभी अधूरे आवासों को तत्काल पूरा कराया जाए।
- सख्त कार्यवाही: जो आवास अब तक शुरू ही नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ कराएं, अन्यथा उन्हें निरस्त करने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की जाए।
- मजदूरी भुगतान: हितग्राहियों को मनरेगा के तहत मिलने वाली 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान बिना देरी के प्राथमिकता पर किया जाए।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और गति की हिदायत
विधायक मद और विकास प्राधिकरण के तहत चल रहे सामुदायिक भवनों एवं सीसी रोड के कार्यों की समीक्षा करते हुए सीईओ ने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कर ‘पूर्णता प्रमाण पत्र’ (Completion Certificate) जमा करने के निर्देश दिए।
मनरेगा: भीषण गर्मी में किसी को न हो काम की कमी
आगामी कृषि सीजन और भीषण गर्मी को देखते हुए सीईओ ने रोजगार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए:
- गांव के हर जरूरतमंद मजदूर को काम उपलब्ध कराया जाए।
- स्वीकृत नए कार्यों के मस्टररोल तुरंत जारी किए जाएं ताकि मंदी का असर श्रमिकों पर न पड़े।
“शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सचिवों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
— प्रेमलता पद्माकर, सीईओ जिला पंचायत
इस समीक्षा बैठक में जनपद पंचायत साजा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), समस्त क्लस्टर प्रभारी और पंचायत सचिव उपस्थित रहे। बैठक के बाद से ही प्रशासनिक अमले में कार्यों को गति देने की हलचल तेज हो गई है।

