बेरला। ब्लॉक बेरला के ग्राम सोरला में छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन द्वारा बनाए जा रहे गोदाम निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। करोड़ों की लागत से तैयार हो रहे इस सरकारी प्रोजेक्ट में मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
तराई के अभाव में कमजोर हो रही दीवारें
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान दीवारों की पानी से तराई (Curing) नहीं की जा रही है। कंक्रीट और ईंट की जुड़ाई के बाद नियमानुसार पर्याप्त तराई अनिवार्य है, लेकिन ठेकेदार द्वारा इसे नजरअंदाज करने से दीवारों की मजबूती पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। स्थानीय नेता रविन्द्र भास्कर चौबे ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी संपत्ति कुछ ही वर्षों में जर्जर हो जाएगी।

अधिकारियों की गैर-मौजूदगी, मजदूरों के भरोसे काम
ग्राउंड जीरो से मिल रही जानकारी के अनुसार, निर्माण स्थल पर न तो विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहते हैं और न ही कोई तकनीकी इंजीनियर। पूरा काम ठेकेदार के मुंशी और अप्रशिक्षित मजदूरों के भरोसे चल रहा है। निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड (Project Board) तक नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की कुल लागत, समय सीमा और तकनीकी विवरण की जानकारी गोपनीय रखी जा रही है।
प्रमुख अनियमितताएं एक नजर में:
- गुणवत्ताहीन सामग्री: उपयोग किए जा रहे मटेरियल और उपकरणों की गुणवत्ता मानकों के विपरीत होने का संदेह।
- नियमों की अनदेखी: लेआउट और विभागीय मापदंडों को दरकिनार कर मनमाना निर्माण।
- निगरानी का अभाव: विभाग के जिम्मेदार सुपरवाइजरों की कार्यस्थल से दूरी।
- सुरक्षा का खतरा: बिना तराई के बन रही इमारत कभी भी धराशायी हो सकती है।
जांच की मांग, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और मटेरियल की लैब टेस्टिंग की मांग की है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर संज्ञान लेकर दोषियों पर कार्रवाई करता है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

