ताज़ा खबर :

झालम गौ अभ्यारण्य के पास 45 लाख की स्लैब पुलिया निर्माण में धांधली, बिना सूचना बोर्ड के चल रहा काम; जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे

■बेमेतरा:- जिले के ग्राम झालम में शासन-प्रशासन की महत्वाकांक्षी गौ अभ्यारण्य परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में मनमानी और गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। दरअसल झालम गाँव में गौ अभ्यारण्य से महज 100 मीटर की दूरी पर 45 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही स्लैब पुलिया पिछले एक साल से निर्माणधीन है, लेकिन इसकी सुस्त रफ्तार और गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरतलब हो कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली इस पुलिया के निर्माण स्थल पर कोई भी निर्माण सूचक बोर्ड (इन्फॉर्मेशन बोर्ड) नहीं लगाया गया है। चूंकि बोर्ड न होने के कारण कार्य की लागत, समयसीमा, ठेकेदार का नाम और अन्य जरूरी जानकारियां पूरी तरह से छिपा दी गई हैं, जिससे प्रोजेक्ट में पारदर्शिता का अभाव साफ झलकता है। असल मे तय समयसीमा बीतने की आशंका के बीच निर्माण कार्य में घटिया सामग्रियों के इस्तेमाल और भारी लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
बहरहाल खास बात यह है कि इस पूरे मामले में ठेकेदार और छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड दुर्ग संभाग के अधिकारियों की कथित सांठगांठ खुलकर सामने आ रही है।वही मनमाने तरीके से चल रहे इस निर्माण कार्य को लेकर जब मंडी बोर्ड के सब इंजीनियर परवेज बेग, सहायक यंत्री अजय प्रताप सिंह और कार्यपालन यंत्री के.के. कंवर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देना मुनासिब नहीं समझा और चुप्पी साध ली।

फिलहाल इस सम्बंध में जिम्मेदार अधिकारियों का इस तरह मुंह मोड़ना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। स्थानीय नागरिकों ने शासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस 45 लाख रुपये के पुलिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वालों और उदासीन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।

WhatsApp
Facebook
Telegram
X

ख़बर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें

(संपर्क करें - 8817455556-9630244446)

और पढ़ें


बुडेरा हत्याकांड: पुलिस के आश्वासन के बाद साहू संघ ने टाला थाना घेराव का फैसला

परपोड़ी (बेमेतरा): ​पुलिस और समाज प्रमुखों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक ​त्वरित…