■बेमेतरा:- जिले के परपोड़ी पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कामकावाड़ा (बूडेरा) में 13 अगस्त 2026 की रात बुजुर्ग दंपति बलीराम साहू और कचरी बाई साहू की सनसनीखेज हत्या को एक महीना पूरा हो चुका है। हालांकि जिला पुलिस प्रशासन और एसपी द्वारा गठित विशेष जांच टीम लगातार संदेहियों की तलाश और पूछताछ में जुटी है, लेकिन एक महीने का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी पुलिस को असली हत्यारे तक पहुंचने में कोई ठोस कामयाबी हासिल नहीं हुई है।
फिलहाल इस दोहरे हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस अब तक महज आधा दर्जन संदिग्ध व्यक्तियों तक ही पहुंच पाई है और उनसे पूछताछ जारी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने परपोड़ी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब इसी थाना क्षेत्र के गांव लूक में 25 जून 2024 को हुई नवविवाहित महिला रश्मि वर्मा की हत्या का मामला दो साल बाद भी अनसुलझा है। रश्मि वर्मा की हत्या कर शव बाड़े की जमीन में गाड़ दिया गया था और आरोपी पति आज भी कानून की पकड़ से दूर है, जिससे बूडेरा मर्डर कांड ने पुलिस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए बेरला पुलिस अनुविभाग की एसडीओपी रुचि वर्मा ने बताया है कि पुलिस की कई टीमें अलग-अलग एंगल से तहकीकात कर रही हैं। पुलिस टीम ने करीब 5 से 6 संदेहियों की पहचान कर उनसे कई स्तरों पर पूछताछ की है, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। जांच में तेजी लाने के लिए अब पुलिस द्वारा आरोपियों के नार्को टेस्ट की तैयारी भी की जा रही है, ताकि इस अंधे कत्ल की परतें जल्द से जल्द उघड़ सकें।
चूंकि इस दोहरे हत्याकांड के एक माह बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षेत्रवासियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के दावों के बाद ग्रामीणों को यह उम्मीद बंधी है कि नार्को टेस्ट और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस जल्द ही असली आरोपियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजने में सफल होगी।
