
बेमेतरा:- जिले के बेरला आबकारी सर्किल क्षेत्र में इन दिनों अवैध शराब की बिक्री चरम पर है। स्थिति यह है कि समूचे बेरला विकासखंड के अधिकांश गांवों में कोचियों द्वारा खुलेआम हर वक्त शराब खपाई जा रही है। इस बेलगाम अवैध कारोबार के कारण शासन-प्रशासन की सक्रियता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि इस अवैध धंधे की जद से छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का पैतृक गांव पतोरा भी अछूता नहीं बचा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, पतोरा जैसे प्रमुख गांव में ही करीब आधा दर्जन शराब माफिया पनप चुके हैं जो धड़ल्ले से अवैध शराब का कारोबार चला रहे हैं। इसके आसपास के अन्य गांवों से भी लगातार मिल रही शिकायतों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि पूरा क्षेत्र अवैध शराब के नशे की गिरफ्त में है।
क्षेत्र में पनप रहे इस अवैध कारोबार के चलते न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि गांवों का सामाजिक वातावरण भी तेजी से दूषित हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार आबकारी विभाग की टीम इस संदेहास्पद गतिविधि पर ठोस कार्रवाई कर पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। विभागीय सुस्ती के कारण माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बेखौफ होकर इस अवैध व्यापार को अंजाम दे रहे हैं।
इस गंभीर मामले पर जब बेरला सर्किल के आबकारी इंस्पेक्टर दयाराम साहू से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन पर कोई जवाब नहीं दिया। अधिकारियों की इस तरह की चुप्पी और उदासीनता से आम जनता में भारी नाराजगी है, और अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस बड़े अवैध नेटवर्क पर कब और क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
