बालोद | अक्सर गांवों में आपसी विवाद की जड़ ‘चुगलीबाजी’ होती है, लेकिन बालोद जिले के ग्राम मेढ़की के ग्रामीणों ने इस समस्या का एक अनोखा समाधान निकाला है। अब अगर इस गांव में कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की बुराई या चुगली करते पाया गया, तो उसे दंड स्वरूप 5001 रुपये की राशि पंचायत में जमा करनी होगी।
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गांव का माहौल खराब हो रहा था। छोटी-छोटी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर एक-दूसरे से कहना, आपसी मनमुटाव पैदा करना और लोगों को आपस में लड़वाने की घटनाएं बढ़ गई थीं। इस ‘चुगली’ संस्कृति के कारण गांव का सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने लगा था, जिसे सुधारने के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक बुलाकर यह ऐतिहासिक निर्णय लिया।
नशेड़ियों पर भी कसेगा शिकंजा
बैठक में केवल चुगली ही नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया गया है। सर्वसम्मति से तय किए गए नियमों के अनुसार:
- शराब पीकर हंगामा: यदि कोई व्यक्ति सामाजिक या धार्मिक भोज (आयोजन) के दौरान शराब का सेवन कर पहुंचता है, तो उस पर भी 5001 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
- विवाद पर रोक: नशे में धुत होकर किसी के खिलाफ टिप्पणी करने या विवाद पैदा करने वालों के खिलाफ अब पूरा गांव एकजुट है।
सामाजिक एकता की नई मिसाल
ग्राम मेढ़की के निवासियों का मानना है कि इस कठोर निर्णय से लोग एक-दूसरे के खिलाफ जहर उगलने से बचेंगे और गांव में शांति का माहौल वापस लौटेगा। सामूहिक बैठक में लिए गए इस फैसले की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है। लोग इसे अनुशासन और आपसी भाईचारा बढ़ाने की दिशा में एक साहसिक कदम मान रहे हैं।
