बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में आज जिला न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है। बेमेतरा जिला न्यायालय की अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी 17 आरोपियों को संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।
यह मामला अप्रैल 2023 में पूरे देश की सुर्खियों में रहा था, जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति की दिशा बदल दी थी।
64 गवाहों के बयान के बाद आया फैसला
बिरनपुर हिंसा के इस मामले में साजा थाना पुलिस और बाद में CBI ने जांच की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 64 साक्षियों (गवाहों) के कथन दर्ज कराए गए थे। लंबी कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।
इन धाराओं के तहत चल रहा था मामला:
आरोपियों पर भादवि की धारा 302 (हत्या), 147, 148, 149 (दंगा), 153 (धार्मिक उन्माद), 201 (साक्ष्य छिपाना) और 109 के तहत विचारण किया गया था।
दोषमुक्त हुए आरोपियों की सूची
अदालत ने जिन 17 लोगों को बरी किया है, वे बेमेतरा और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं:
- डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम (चेचानमेटा)
- मनीष वर्मा (खैरी)
- समारू नेताम (कोरवाय)
- पूरन पटेल (पदमी)
- राजकुमार निषाद (पदमी)
- भोला निषाद (पदमी)
- दूधनाथ साहू (पेण्डरवानी)
- अरुण रजक (पेण्डरवानी)
- चंदन साहू (कोरवाय)
- होमेन्द्र नेताम (कोरवाय)
- टाकेन्द्र साहू (कोगियाखुर्द)
- राम निषाद (कोगियाखुर्द)
- संजय कुमार साहू (मासुलगोदी)
- चिंताराम साहू (कोरवाय)
- लोकेश साहू (कोगियाखुर्द)
- वरुण साहू (कोगियाखुर्द)
- राजेश साहू (मासुलगोदी)
फ्लैशबैक: क्या था बिरनपुर कांड?
8 अप्रैल 2023 को बेमेतरा के बिरनपुर गांव में दो बच्चों के बीच हुई एक मामूली लड़ाई ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया था। इस हिंसा में साजा के वर्तमान विधायक ईश्वर साहू के 22 वर्षीय पुत्र भुनेश्वर साहू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
- हिंसा का फैलाव: भुनेश्वर की मौत के बाद तनाव इतना बढ़ा कि 10 अप्रैल को ‘छत्तीसगढ़ बंद’ रहा। इसी दौरान गांव में आगजनी हुई और मुस्लिम समुदाय के दो व्यक्तियों (रहीम और ईदुल मोहम्मद) की भी जान चली गई।
- CBI जांच का खुलासा: मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई की चार्जशीट में बताया गया था कि भीड़ ने न केवल भुनेश्वर पर हमला किया, बल्कि पुलिस टीम पर भी पथराव किया था, जिसमें सब-इंस्पेक्टर बिनुराम ठाकुर बेहोश हो गए थे।
राजनीतिक प्रभाव
बिरनपुर की इस घटना ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में बड़ा मुद्दा बनाया था। मृतक भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू ने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और तत्कालीन कद्दावर मंत्री को हराकर जीत हासिल की थी। आज का यह अदालती फैसला क्षेत्र में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

