बिलासपुर: न्यायधानी के हवाई संपर्क (Air Connectivity) में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। चकरभाठा स्थित बिलासा एयरपोर्ट पर पहली बार नाइट लैंडिंग का सफल परीक्षण (Trial) किया गया। इस उपलब्धि के साथ ही अब बिलासपुर से रात के समय विमानों के आवागमन और खराब मौसम में लैंडिंग का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
स्टेट प्लेन से हुआ परीक्षण
छत्तीसगढ़ शासन के स्टेट प्लेन के जरिए नाइट लैंडिंग की टेस्टिंग की गई। इस दौरान तकनीकी टीम ने रनवे की बारीकियों को परखा। मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रणालियों की जांच की गई:
- रनवे लाइटिंग सिस्टम: रात में दृश्यता सुनिश्चित करने वाली लाइटें।
- एप्रोच लाइट्स: विमान को रनवे के सटीक एलाइनमेंट में लाने वाली लाइटें।
- एयर ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन: एटीसी और पायलट के बीच तालमेल।
VFR से IFR में अपग्रेडेशन का असर
हाल ही में बिलासा एयरपोर्ट को VFR (Visual Flight Rules) से IFR (Instrument Flight Rules) में अपग्रेड किया गया था। IFR सुविधा होने से अब कम विजिबिलिटी और धुंध के दौरान भी विमान सुरक्षित लैंड कर सकेंगे। ट्रायल के दौरान एयरपोर्ट डायरेक्टर, क्षेत्रीय निदेशक (नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो) सहित तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिन्होंने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया।
हाईकोर्ट का सख्त रुख और अगली सुनवाई
एक ओर जहां एयरपोर्ट पर तकनीकी विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर हवाई सेवा से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई भी हुई।
- कोर्ट का निर्देश: माननीय न्यायालय ने एयरपोर्ट प्रबंधन को निर्देश दिया है कि नाइट लैंडिंग और अन्य विस्तार कार्यों से संबंधित सभी दस्तावेज और प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें।
- अगली तिथि: मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित की गई है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
- फ्लाइट्स की संख्या में वृद्धि: नाइट लैंडिंग शुरू होने से एयरलाइंस कंपनियां रात के स्लॉट भी बुक कर सकेंगी।
- बेहतर कनेक्टिविटी: दिल्ली, प्रयागराज और अन्य शहरों के लिए अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
- आपातकालीन लैंडिंग: खराब मौसम या मेडिकल इमरजेंसी में रात के वक्त लैंडिंग संभव होगी।
