नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। परीक्षाओं के इस दौर के बीच बोर्ड ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे देशभर के लाखों छात्र प्रभावित होंगे। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 12वीं बोर्ड के छात्र अब अंक सुधारने (Improvement) के लिए केवल एक ही विषय में सप्लीमेंट्री परीक्षा दे सकेंगे।
क्या था पुराना नियम और अब क्या बदला?
अब तक के नियमों के अनुसार, 12वीं का रिजल्ट आने के बाद यदि कोई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होता था, तो वह एक से अधिक विषयों में ‘इंप्रूवमेंट’ परीक्षा दे सकता था। यह परीक्षा मुख्य परिणाम घोषित होने के दो महीने के भीतर आयोजित की जाती थी।
नया बदलाव:
- अब छात्र मुख्य परीक्षा के तुरंत बाद होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में सिर्फ एक विषय का चुनाव कर पाएंगे।
- एक से अधिक विषयों में अंक सुधारने का विकल्प अब सीमित कर दिया गया है।
एक से ज्यादा विषयों में सुधार के लिए करना होगा साल भर का इंतज़ार
बोर्ड ने साफ किया है कि यदि कोई छात्र एक से अधिक विषयों में अपने नंबर बढ़वाना चाहता है, तो उसे अगले साल होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा (Main Exam) में शामिल होना होगा। इसका मतलब है कि छात्रों को अपने अंकों में बड़े स्तर पर सुधार के लिए पूरा एक साल इंतज़ार करना पड़ सकता है।
महत्वपूर्ण तारीखें और शेड्यूल
सीबीएसई ने 2026 की सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का संभावित शेड्यूल भी साझा किया है:
- रिजल्ट की घोषणा: मई 2026 (संभावित)
- सप्लीमेंट्री एग्जाम: 15 जुलाई 2026
- सर्कुलर जारी होना: रिजल्ट के तुरंत बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
