दुर्ग। ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना दुर्ग की टीम ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ₹48.67 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने शिर्डी में एक ट्रस्ट के नाम पर बैंक खाता खोलकर ठगी की राशि का लेन-देन किया था।
क्या है पूरा मामला?
प्रकरण की शुरुआत 9 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब एक प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि इंस्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग के विज्ञापन के झांसे में आकर उसने ₹48,67,500 की राशि गंवा दी। साइबर पुलिस ने अपराध क्रमांक 08/2025 दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने पहले ही आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले से दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया था।
ट्रस्ट के नाम पर मंगवाई ठगी की रकम
विवेचना के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली। डिजिटल ट्रैकिंग से पता चला कि ठगी की रकम अहमदनगर जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में संचालित एक ट्रस्ट के खाते में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी मनोहर लक्ष्मण मोरे (46 वर्ष), निवासी संगनमेयर, जिला अहमदनगर को गिरफ्तार किया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने शिर्डी क्षेत्र में ट्रस्ट के नाम पर खाता खुलवाया था ताकि पुलिस की नजरों से बचकर अवैध राशि मंगवाई जा सके।
जप्त सामग्री और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- मोबाइल फोन
- बैंक पासबुक
- एटीएम कार्ड
आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा, एएसआई पूर्ण बहाद्दुर और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की “साइबर प्रहरी” अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि:
- इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया पर दिखने वाले लुभावने निवेश के लिंक पर क्लिक न करें।
- बिना सत्यापन के किसी भी अज्ञात खाते में पैसे न भेजें।
- किसी भी संदेह की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

