दुर्ग/कबीरधाम। दुर्ग जिले के ग्राम समोदा-झेनझरी में उजागर हुए अवैध अफीम खेती के मामले में दुर्ग पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए कबीरधाम जिले के चिल्फी रोड स्थित एक ढाबे पर दबिश देकर सातवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से अफीम बिक्री की नगद राशि बरामद की गई है।
विवेचना में खुला ढाबे का राज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अफीम खेती प्रकरण (अपराध क्रमांक 247/2026) में रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपी विकास बिश्नोई से कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि कबीरधाम जिले के ग्राम पालक में स्थित ‘राजस्थानी भोजनालय’ में अवैध अफीम डोडा चूरी की बिक्री की जाती है।
चिल्फी रोड पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक
सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने कबीरधाम के चिल्फी रोड स्थित ढाबे पर घेराबंदी कर रेड मारी। यहाँ आरोपी मदरूपा राम विश्नोई (निवासी जोधपुर, राजस्थान) को पकड़ा गया। ढाबे के काउंटर की तलाशी लेने पर अफीम डोडा चूरी की बिक्री से प्राप्त 42,000 रुपये नगद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 27(a) जोड़ते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।
अब तक 7 गिरफ्तार, जारी है तफ्तीश
इस मामले में पुलिस अब तक विकास बिश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर, छोटू राम, रणछोड़ राम और सुनील देवासी सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह है जिसके तार राजस्थान से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस तस्करी के पूरे नेटवर्क और मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण कार्यवाही में ACCU दुर्ग, थाना पुलगांव और चौकी जेवरा-सिरसा की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

