नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने भारी मात्रा में जब्त मादक पदार्थों का विधिवत नष्टीकरण किया। इस दौरान करोड़ों रुपये मूल्य का 560 किलो से अधिक गांजा और नशीली दवाइयों को रायपुर के एक स्टील प्लांट के फर्नेस (भट्टी) में जलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
34 मामलों का माल हुआ नष्ट

पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज 34 विभिन्न प्रकरणों में जब्त किया गया कुल 560.680 किलोग्राम गांजा नष्ट किया गया। इसके साथ ही 2 अलग-अलग मामलों में बरामद 190 नग नशीली टैबलेट को भी जलाकर खाक कर दिया गया।
उच्च स्तरीय प्रोटोकॉल का पालन
नष्टीकरण की यह पूरी प्रक्रिया रायपुर स्थित जायसवाल निको स्टील पावर प्लांट में संपन्न हुई। जहरीले मादक पदार्थों को नष्ट करने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन किया गया:
- केंद्रीय गृह मंत्रालय और नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के कड़े दिशा-निर्देश।
- छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से प्राप्त विधिवत अनुमति।
- पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्धारित मानक प्रक्रिया।
अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई
नष्टीकरण की इस पारदर्शी प्रक्रिया के दौरान ‘जिला औषधि निपटारा समिति’ के सदस्य मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
- वेदव्रत सिरमौर: अध्यक्ष, जिला औषधि निपटारा समिति एवं पुलिस अधीक्षक, गरियाबंद।
- धीरेन्द्र पटेल: सदस्य एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक।
- गजेन्द्र सिंह: सदस्य एवं जिला आबकारी अधिकारी।

