रायपुर | राजधानी पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर चोर लोकेश श्रीवास उर्फ गोलू को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पर छत्तीसगढ़ सहित आंध्र प्रदेश, ओडिशा और दिल्ली जैसे राज्यों में करोड़ों रुपये की ज्वेलरी और नकदी चोरी के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
जेल से रिहाई के अगले ही दिन शुरू की वारदातें
हैरानी की बात यह है कि आरोपी लोकेश हाल ही में बिलासपुर जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आते ही अगले ही दिन उसने रायपुर के सिविल लाइन और मौदहापारा क्षेत्र में ताबड़तोड़ चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे डाली।
एक ही रात में तीन दुकानों के ताले तोड़े
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी शिव कुमार वर्मा की पंडरी स्थित कपड़े की दुकान की छत तोड़कर आरोपी ने गल्ले से 2.75 लाख रुपये उड़ाए। उसी रात उसने पास की दो अन्य दुकानों को भी निशाना बनाया:
- नोवा फर्नीचर: 1.40 लाख रुपये की चोरी।
- डिजाइनर सेनेटेशन: 2.85 लाख रुपये की चोरी।
कुल मिलाकर तीनों दुकानों से 7 लाख रुपये नगद चोरी किए गए थे, जिसके बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज और डेटाबेस से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास के हजारों सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जब फुटेज का मिलान साइबर यूनिट के डेटाबेस से किया गया, तो आरोपी की पहचान कुख्यात चोर लोकेश श्रीवास के रूप में हुई।
आरोपी के पास से बरामदगी
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर पुलिस ने लोकेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से वर्तमान में:
- 79,500 रुपये नगद
- दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस का बयान: “लोकेश श्रीवास एक शातिर नकबजन है जिसने अब तक देश के अलग-अलग राज्यों में दो दर्जन से अधिक बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। फिलहाल उससे अन्य राज्यों में हुई वारदातों और चोरी की गई शेष रकम के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।”

