बोरी/दनिया/पुरदा। बोरी क्षेत्र में प्रस्तावित नई शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को चरम पर पहुंच गया। आसपास की 10 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने एकजुट होकर बोरी बाजार चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें ‘स्कूल चाहिए, शराब नहीं’।नारों से गूंज उठा बाजार चौकदोपहर 12 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में बाजार चौक नारों से गूंज उठा। हजारों की भीड़ ने एक स्वर में मांग की:”शराब दुकान नहीं चलेगी!””हमें स्कूल चाहिए, शराब नहीं चाहिए!””रोजगार दो, नशा छोड़ो!”महिलाओं ने सिर पर बच्चों को उठाए मैदान में मोर्चा संभाला, जबकि बुजुर्गों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नशे ने कई घर तबाह कर दिए हैं, और वे अब गांव में ‘और ज़हर नहीं घुलने देंगे।’10 पंचायतों की एकजुटता: गांव से गांव तक फैला विरोधयह विरोध प्रदर्शन सिर्फ बोरी गांव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें फुंडा, दनिया, बोरी, डोमा, पथरिया, नवागांव, पुरदा, टेकापार, तुमाखुद और सिलतारा पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। यह एकजुटता दर्शाती है कि क्षेत्र में शराब दुकान खोलने के प्रस्ताव के खिलाफ व्यापक जनभावना है।

मासूम आवाजों ने दी आंदोलन को ताकतआंदोलन में बच्चों की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मासूमों ने बैनर थामे रखे, जिन पर लिखा था:हमें स्कूल चाहिए, शराब दुकान नहीं।शिक्षा का मंदिर दो, नशे की दुकान नहीं।इन मासूम आवाज़ों ने विरोध को भावनात्मक और सामाजिक, दोनों ही रूपों में अभूतपूर्व ताकत दी।पहले से हैं दुकानें, फिर भी नया प्रस्ताव: ग्रामीणों में तीव्र नाराज़गीग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया कि ग्राम बोरी से महज 6 किलोमीटर दूर ननकठी और 10 किलोमीटर दूर जालबांधा में पहले से ही शराब दुकानें संचालित हैं। इसके बावजूद बोरी में नई दुकान खोलने की तैयारी ने लोगों का विरोध बढ़ाया है। ग्रामीणों ने बताया कि शराब दुकान की बिल्डिंग पहले से तैयार हो चुकी है, जिसने उनकी नाराज़गी को और तेज़ कर दिया है।जनप्रतिनिधियों का भी मिला समर्थनविरोध स्थल पर आयोजित जन चौपाल में आसपास के पंचायतों के जनप्रतिनिधि भी पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने शासन के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा:”शासन एक ओर नशा मुक्ति की शपथ दिलाता है, और दूसरी ओर खुद नशे की दुकान खोलने जा रहा है, यह दोहरा रवैया बंद होना चाहिए। शासन को ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए, अन्यथा आंदोलन का दायरा और बढ़ेगा।”शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन, प्रशासन को दी चेतावनीसंभावित स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। हालांकि, प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।विरोध के समापन पर ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए साफ चेतावनी दी कि यदि बोरी या उसके आसपास शराब दुकान खोलने का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।ग्रामीणों की अपील:ग्रामीणों ने एक स्वर में सरकार से अपील की: “हमें स्कूल, अस्पताल और रोजगार चाहिए, शराब दुकान नहीं। सरकार गांव की भलाई चाहती है तो नशा नहीं, शिक्षा को बढ़ावा दे।”

