■दुर्ग:- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की कार्यप्रणाली और सफल आवासीय मॉडल्स का अध्ययन करने के लिए झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय टीम इन दिनों छत्तीसगढ़ के प्रवास पर है। इसी कड़ी में, प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग संभाग का दौरा कर यहाँ की योजनाओं, आईटी सिस्टम और संपत्ति प्रबंधन का बारीकी से अवलोकन किया।
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में हुई चर्चा
दरअसल मंडल के मुख्यालय अपर आयुक्त श्री एच.के. जोशी, अपर आयुक्त (दुर्ग) श्री आर.के. राठौर तथा उप आयुक्त श्री व्ही.के. गहरवार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय कार्यालय दुर्ग में महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान झारखंड की टीम को मंडल की तकनीकी बारीकियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं से अवगत कराया गया।
प्रमुख योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति
चूंकि कार्यालयीन चर्चा के दौरान एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से दुर्ग संभाग की विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी साझा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
●अटल विहार योजना: पुलगांव, सेलूद एवं मुरमुंदा।
●तालपुरी प्रोजेक्ट:
ब्लॉक-सी की वर्तमान स्थिति।
नवीन परियोजना: पोल्ट्री फार्म में प्रस्तावित रिडेवलपमेंट योजना।
स्थल निरीक्षण एवं तकनीकी बारीकियों का अवलोकन
फिलहाल प्रस्तुति के पश्चात झारखंड हाउसिंग बोर्ड की टीम ने अधिकारियों के साथ अटल विहार योजना (पुलगांव) और तालपुरी ब्लॉक-सी का प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया:
भवन संरचना: भवनों के प्रकार और उनके मानचित्र (Maps)।
तकनीकी पक्ष: स्ट्रक्चरल ड्रॉइंग और निर्माण में उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीक।
प्रबंधन: संपत्तियों का आवंटन और आईटी सिस्टम के माध्यम से उनका रखरखाव।
झारखंड से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ मंडल द्वारा अपनाई जा रही निर्माण तकनीक और आवासीय योजनाओं के क्रियान्वयन की सराहना की। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सफल हाउसिंग मॉडल को समझकर उसे झारखंड में लागू करने की संभावनाओं को तलाशना है।
