बेमेतरा। जनपद पंचायत साजा के अंतर्गत ग्राम पंचायत रौद्रा और मोतेसरा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायत सही पाए जाने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो सचिवों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक रोजगार सहायक और एक आवास मित्र की सेवा समाप्त कर दी गई है।
🔎 शिकायत और जांच में क्या निकला?
शिकायतकर्ता नीलम निषाद और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ग्राम मोतेसरा के तीन आवास हितग्राही—कल्याणी बाई, राधेश्याम और दुगधी बाई/सुकालू—के मकान का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ था। इसके बावजूद, भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से प्रत्येक हितग्राही को ₹95,000-₹95,000 की राशि अवैध रूप से जारी कर दी गई, जिससे शासकीय राशि का गबन हुआ।
जिला स्तरीय जांच समिति ने मामले की विस्तृत जांच की।
जांच के प्रमुख निष्कर्ष:
- दोनों हितग्राही पहले से ही पक्के मकान वाले अपात्र थे।
- इसके बावजूद, उन्हें कुल ₹1,90,000 की राशि अवैध रूप से जारी की गई।
- जांच में दोषी पाए गए अधिकारी और कर्मचारियों से यह संपूर्ण राशि की वसूली कर ली गई है।
🚨 दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई
वित्तीय अनियमितताओं को अत्यंत गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई की है।
- रोशन साहू: सचिव (मूल प्रभार ग्राम पंचायत किरकी, अतिरिक्त प्रभार ग्राम पंचायत रौद्रा) को निलंबित किया गया।
- विश्राम साहू: तत्कालीन सचिव, ग्राम पंचायत रौद्रा, जनपद पंचायत साजा, को भी निलंबित किया गया।
- भुनेश्वरी साहू: तत्कालीन ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत रौद्रा, की सेवा समाप्त की गई।
- मीना साहू: आवास मित्र, ग्राम पंचायत रौद्रा, की भी सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।


