रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे से रायपुर लौट आए। राजधानी पहुंचने पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने दौरे को सफल बताया। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस दौरे के दौरान प्रदेश को स्टील और टूरिज्म सेक्टर में 6,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
सीएम साय ने कहा कि यह निवेश प्रदेश की उद्योग नीति का प्रभाव है, जिससे आने वाले समय में राज्य के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
🏨 पर्यटन को उद्योग का दर्जा, हुए कई MOU
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में विशेष रूप से इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जो स्टील और टूरिज्म सेक्टर पर केंद्रित था। उन्होंने पर्यटन को लेकर हुए समझौतों पर खुशी जाहिर की।
”बस्तर में पर्यटन की अपार संभावना है। हमने नई उद्योग नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। आज पर्यटन के क्षेत्र में भी 3 से 4 MOU हुए हैं। इससे प्रदेश में अच्छे होटल और टूरिज्म सेक्टर से जुड़ी सुविधाएं विकसित होंगी।”
🤝 केंद्रीय मंत्रियों से हुई महत्वपूर्ण चर्चा
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों के विस्तार पर चर्चा की।
- जेपी नड्डा (भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री): छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य चिकित्सा के विस्तार पर चर्चा की गई।
- चिराग पासवान (केंद्रीय खाद्य मंत्री): कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
- रेल मंत्री: प्रदेश में रेल सेवा के विस्तार और इसमें गति लाने को लेकर चर्चा हुई।
सीएम साय ने यह भी बताया कि वह भारत मंडपम में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में शामिल हुए, जहां उस दिन छत्तीसगढ़ का दिन था। प्रदेश के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और प्रदेश के उत्पाद के स्टॉल लगाए गए थे।
🇮🇳 डीजीपी कॉन्फ्रेंस: देश की कानून व्यवस्था पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी डीजीपी कॉन्फ्रेंस को प्रदेश के लिए बड़ा सौभाग्य बताया।
उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब छत्तीसगढ़ में डीजीपी कॉन्फ्रेंस आयोजित हो रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन तक रुकेंगे, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री भी तीन दिन तक उपस्थित रहेंगे। इस कॉन्फ़्रेंस में देशभर के सभी राज्यों के डीजीपी और केंद्रीय सुरक्षा बल के प्रमुख शामिल होंगे, जहां देश की कानून व्यवस्था पर गहन चर्चा की जाएगी।
निवेश प्रस्तावों का संक्षिप्त विवरण
मुख्यमंत्री साय के अनुसार, दो दिवसीय इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के बाद छत्तीसगढ़ को कुल 6,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ये प्रस्ताव मुख्य रूप से दो प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित हैं:
| क्षेत्र (Sector) | निवेश की राशि | मुख्य परिणाम |
|---|---|---|
| स्टील (Steel) | 6,800 करोड़ का हिस्सा | औद्योगिक विस्तार, प्रदेश के कच्चे माल का उपयोग। |
| टूरिज्म (Tourism) | 6,800 करोड़ का हिस्सा | 3-4 MOU, नए होटलों का आगमन, बस्तर पर विशेष ध्यान। |
,पर्यटन क्षेत्र पर विशेष बल
मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश को लेकर विशेष उत्साह व्यक्त किया। प्रमुख बिंदु:
- उद्योग का दर्जा: राज्य की नई उद्योग नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिसने निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- MOU: पर्यटन के क्षेत्र में 3 से 4 समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- विकास: इन निवेशों से राज्य में अच्छे होटलों और पर्यटक सुविधाओं का विकास होगा।
- केंद्र बिंदु: मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाओं का जिक्र किया, जिसे इन निवेशों से बढ़ावा मिलेगा।
🏭 स्टील क्षेत्र में निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि 6,800 करोड़ के निवेश प्रस्तावों में स्टील सेक्टर भी प्रमुखता से शामिल है। यह निवेश छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य लौह अयस्क और कोयले जैसे कच्चे माल का एक प्रमुख उत्पादक है। स्टील क्षेत्र में निवेश से:
- राज्य में इस्पात उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होगी।
- स्थानीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
🧑💼 रोजगार पर प्रभाव
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि यह निवेश केवल पूंजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव राज्य के निवासियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इन निवेशों के परिणामस्वरूप आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

