बालोद, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अंधविश्वास का फायदा उठाकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. यहां ‘इंद्रजाल’ और ‘गड़ा धन’ निकालने का झांसा देकर तीन भोले-भाले ग्रामीणों से 7 लाख रुपये से अधिक की बड़ी रकम ठग ली गई. बालोद पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर मुख्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
💰 ‘गड़ा धन’ का लालच देकर फंसाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, ठगों का गिरोह जगन्नाथपुर क्षेत्र के ग्रामीणों को यह विश्वास दिलाता था कि उनके घर में खजाना या ‘गड़ा धन’ छिपा हुआ है. आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर तंत्र-मंत्र और विशेष पूजा-पाठ के ज़रिए इसे निकालने का दावा करते थे.
ठगी की प्रक्रिया के दौरान, तांत्रिक विधि का बहाना बनाकर घर में गड्ढा खुदवाया जाता था और ग्रामीणों को एक ‘हंडा’ दिखाया जाता था. इस हंडे में सोने-चांदी जैसे दिखने वाले नकली सिक्के रखे होते थे, जिससे ग्रामीण आसानी से उनके जाल में फंस जाते थे और ‘गड़ा धन’ निकलवाने की प्रक्रिया के लिए मोटी रकम दे देते थे.
🔗 जीजा-साला का गैंग कर रहा था धोखाधड़ी
इस धोखाधड़ी के पीछे जीजा-साला का एक गैंग काम कर रहा था.
- मुख्य आरोपी: वसीम खान (धुरपुर, इलाहाबाद का निवासी), जो खुद को तांत्रिक बताता था.
- सहयोगी: अकबर खान (जगन्नाथपुर का निवासी), जो वसीम का साला है.
पुलिस ने बताया कि यह गैंग केवल बालोद ही नहीं, बल्कि कई जिलों में इसी तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है.
🚨 एफआईआर दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
जगन्नाथपुर के तीन ग्रामीण, जो आरोपियों के झांसे में आकर 7 लाख रुपये से ज़्यादा गंवा चुके थे, उन्हें बाद में शक हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस से शिकायत की.
बालोद पुलिस ने मुख्य आरोपी वसीम खान और उसके साले अकबर खान के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. पुलिस का मानना है कि ये दोनों आरोपी अंधविश्वास और लालच का फायदा उठाकर लगातार धोखाधड़ी कर रहे थे.
🙏 पुलिस की अपील: अंधविश्वास से दूर रहें
इस मामले के सामने आने के बाद, बालोद पुलिस ने आम जनता से विशेष अपील की है. पुलिस ने लोगों से ऐसे तांत्रिकों और ‘गड़ा धन’ निकालने के दावों से दूर रहने को कहा है. साथ ही, किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी के प्रयासों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है.

