बेमेतरा। सरकारी विभागों में नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को बेमेतरा पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने कुल छह पीड़ितों से ₹12 लाख की धोखाधड़ी की थी।
📌 यह है पूरा मामला
आवेदक रिंकू निर्मलकर (ओडिया, बेमेतरा) सहित विजेन्द्र देवांगन, छत्रपाल निर्मलकर, संतोष निर्मलकर, रुखमणी यादव और होमेश्वर साहू ने लिखित शिकायत दी थी कि आरोपी जीवन कामडे और जयलाल मारकण्डेय ने उन्हें सरकारी विभागों में पदस्थापना दिलाने का वादा किया। इस एवज में, विजेन्द्र देवांगन से ₹02 लाख, रिंकू निर्मलकर से ₹01 लाख, छत्रपाल निर्मलकर से ₹01 लाख, संतोष निर्मलकर से ₹01 लाख (उनके बेटे के लिए), रुखमणी यादव से ₹01 लाख (उनके भाई के लिए), और होमेश्वर साहू से ₹06 लाख, इस प्रकार कुल ₹12 लाख नगद लिए गए।शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें आज तक न तो नौकरी मिली और न ही उनका पैसा वापस मिला। जांच में यह भी जानकारी मिली कि आरोपी पंडरिया (कवर्धा) और गंडई (छुईखदान) थाना क्षेत्रों में भी लाखों रुपये का गबन कर चुके हैं और पहले जेल जा चुके हैं।
🚨 पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा निरीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में थाना और साइबर सेल टीम को विवेचना में लगाया गया।गहन छानबीन के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया:जीवन कामड़े (पिता दुखुराम कामड़े, उम्र 54 साल, साकिन टिकरीपारा, छुईखदान)जयलाल मारकण्डेय (पिता प्यारेलाल मारकण्डेय, उम्र 34 साल, साकिन अतरगढ़ी, बेरला)दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 34 (साझा आशय) भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें दिनांक 25 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया।इस संपूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक मयंक मिश्रा, सउनि जितेन्द्र कश्यप, आरक्षक जयकिशन साहू, संतोष धीवर, पुरूषोत्तम कुम्भकार सहित अन्य पुलिस स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

