देवकर (बेमेतरा): शासन के निर्देशों का पालन करते हुए, नगर पंचायत देवकर और पशु विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानव-पशु संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से एक विशेष पशु जन्म नियंत्रण (Animal Birth Control – ABC) और टीकाकरण अभियान चलाया गया है। यह पहल क्षेत्र में कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए, आवारा कुत्तों के प्रबंधन और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए की गई है।
अभियान की मुख्य बातें
इस विशेष अभियान के तहत, नगर पंचायत क्षेत्र के आवारा एवं पालतू कुत्तों को एंटी-रैबीज वैक्सीनेशन और डीवर्मिंग (कीड़े मारने की दवा) दी गई। यह कार्रवाई आवारा और पालतू दोनों तरह के कुत्तों में बढ़ते संक्रमण के खतरे को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
जागरूकता पर जोर
अभियान के दौरान, नगर पंचायत की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. रिचा रावटे के साथ मिलकर न केवल आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया, बल्कि पशुपालकों को रैबीज से बचाव, टीकाकरण की समय-सीमा, और उसकी महत्ता के बारे में भी जागरूक किया।
अधिकारियों का संदेश
नगर पंचायत देवकर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री केशराम साहू और पशु चिकित्सक डॉ. रिचा रावटे ने रैबीज को एक गंभीर ‘जूनोटिक’ बीमारी (जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती है) बताते हुए आगाह किया कि रेबीज से संक्रमित कुत्ते के काटने से मनुष्यों में असाध्य रोग हो सकता है।
उन्होंने बताया कि श्वान जन्म नियंत्रण कार्यक्रम इसी खतरे को रोकने के लिए संचालित किया जा रहा है, और भविष्य में भी इस प्रकार के नियमित टीकाकरण और जन-जागरूकता कार्यक्रम अभियान चलाए जाएंगे।
नागरिकों से अपील
नगर पंचायत प्रशासन ने समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू कुत्तों का टीकाकरण समय-समय पर अवश्य कराएं और किसी भी संदिग्ध व्यवहार या स्थिति में तुरंत विभाग को सूचित करें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके और जनस्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित हो।

