रायपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को भड़काऊ भाषण मामले में आज (तारीख) कोर्ट ने 3 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के ईष्ट देव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और भड़काऊ भाषण देने के मामले में बघेल के खिलाफ देश के 12 राज्यों में FIR दर्ज हुई थी।
फरारी के 26 दिनों बाद आज अमित बघेल ने रायपुर के देवेंद्र नगर थाने में सरेंडर किया। सरेंडर के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जेनिफर लकड़ा की कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 3 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।
माँ के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल
कोर्ट से ही पुलिस अमित बघेल को उनके पैतृक गांव ले जाएगी, ताकि वे अपनी माँ के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें।
12 राज्यों में FIR, 26 दिनों से थे फरार
अमित बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, सरगुजा, धमतरी, रायगढ़ और जगदलपुर समेत 6 जिलों में FIR दर्ज है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के इंदौर और ग्वालियर, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और नोएडा, महाराष्ट्र सहित कुल 12 राज्यों में उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह पिछले 26 दिनों से फरार थे और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
इससे पहले 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि, “अपनी जुबान पर लगाम रखें। जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें।” कोर्ट ने साफ किया था कि उन्हें कोई राहत नहीं दी जाएगी और कानून अपना काम करेगा।
समर्थकों का आरोप: “फंसाया गया है”
एक ओर जहां कानूनी कार्रवाई जारी है, वहीं अमित बघेल के समर्थक इसे “फंसाने” की साजिश बता रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि जो छत्तीसगढ़ के हक की बात करता है, उसे सरकार जेल में डाल देती है। उनका आरोप है कि “केवल घुसपैठी और परदेसिया मिल कर हम छत्तीसगढ़ियों का शोषण कर रहे हैं,” जिसके खिलाफ अमित बघेल अपनी आवाज उठाते रहे हैं।
5 हजार का इनाम था घोषित
हेट स्पीच मामले में फरार चल रहे अमित बघेल पर रायपुर पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उनके खिलाफ प्रदेश भर में अग्रवाल और सिंधी समाज द्वारा जोरदार आंदोलन किया गया था, जिसके बाद देवेंद्र नगर और कोतवाली थाने में भी FIR दर्ज की गई थी।

