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🐅 खैरागढ़-डोंगरगढ़ अंचल में तेंदुए की निर्मम हत्या, पंजे और दांत काटे; अवैध शिकार की आशंका से हड़कंप

खैरागढ़–डोंगरगढ़ (मध्य प्रदेश): खैरागढ़–डोंगरगढ़ के जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा और सनसनीखेज मामला बनबोड़ क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक वयस्क तेंदुए की निर्मम हत्या कर दी गई। शिकारियों ने तेंदुए के पंजे, नाखून और जबड़े के दाँत काटकर निकाल लिए, जिससे यह स्पष्ट रूप से संगठित अवैध शिकार का मामला लग रहा है।

​🔍 जंगल से बाहर मिला क्षत-विक्षत शव

​जानकारी के अनुसार, खैरागढ़ वनमंडल के कोपेनवागांव–मुढ़ीपार क्षेत्र में सोमवार सुबह तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। शव जंगल से कुछ दूरी पर राजस्व भूमि पर पड़ा मिला, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।

​ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुँचा। प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  • ​तेंदुए के चारों पैरों के नाखून गायब थे।
  • ​उसका जबड़ा भी शव के पास नहीं मिला
  • ​घटनास्थल के आसपास खून के धब्बे पाए गए।

​🔪 हत्या कहीं और, शव यहां फेंका गया?

​खून के धब्बों और क्षत-विक्षत शव की स्थिति से यह आशंका गहरी हो गई है कि तेंदुए की हत्या किसी और स्थान पर की गई होगी और बाद में साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को यहाँ लाकर फेंका गया है।

​🚨 वन विभाग ने शुरू की गहन जांच

​मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है:

  • स्थल सील: घटनास्थल को सुरक्षा बलों के साथ सील कर दिया गया है।
  • जांच टीम: जांच में डॉग स्क्वायड को भी शामिल किया गया है।
  • पूछताछ: इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
  • निगरानी: आसपास के गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

​वन परिक्षेत्राधिकारी आर.के. टंडन ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “वन्यजीव संरक्षण नियमों के तहत तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यदि अवैध शिकार या आपराधिक गतिविधि की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

​😡 स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

​तेंदुए की मौत की खबर से क्षेत्र के ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि वन विभाग की ढीली निगरानी व्यवस्था के कारण ही जंगलों में अवैध घुसपैठ और शिकार की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे जैव विविधता लगातार सिमटती जा रही है। स्थानीय लोगों ने विभाग से ठोस कार्रवाई और स्थायी निगरानी तंत्र की मांग की है, ताकि बेखौफ घूम रहे शिकारियों पर लगाम लगाई जा सके और वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में न पड़े।

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