राजनांदगांव। प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी और संगठित अपराध के विरुद्ध राजनांदगांव पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। डोंगरगढ़ पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर मध्य प्रदेश निर्मित अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बाहरी राज्यों से शराब लाकर उन पर छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के नकली स्टीकर चस्पा कर बाजार में खपाने की तैयारी में थे।
मुखबिर की सूचना पर मुसराखुर्द में दबिश
पुलिस को 17 दिसंबर को सूचना मिली थी कि ग्राम मुसराखुर्द में भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण किया गया है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन में गठित टीम ने मुसराखुर्द स्थित एक मकान में दबिश दी। मौके से पुलिस ने बीरबल वर्मा (45) और चन्द्रकांत उर्फ सोनू सेन (28) को हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर महाराष्ट्र के देवरी निवासी बलबीर सिंह भाटिया को भी गिरफ्तार किया गया।

नकली स्टीकर और लेबल का बड़ा खेल
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी मध्य प्रदेश की शराब लाकर उस पर छत्तीसगढ़ के नकली स्टीकर चिपका रहे थे ताकि उसे वैध बताकर बेचा जा सके। पुलिस ने मौके से:
- 62.64 बल्क लीटर शराब (कीमत ₹39,329/-)
- 1860 नग नकली स्टीकर और लेबल
- दो दुपहिया वाहन (जुपिटर और स्कूटी)
- नकदी ₹12,200/- और मोबाइल फोन जप्त किए हैं। कुल जप्त मशरूका की कीमत ₹1,38,529/- आंकी गई है।
संगठित अपराध (BNS) के तहत कार्यवाही
पुलिस के अनुसार, इस रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड महाराष्ट्र का राजपाल सिंह भाटिया है, जो शराब और नकली लेबल उपलब्ध कराता था। मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले भी आबकारी के 4 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

”राजनांदगांव पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। यह कार्यवाही अवैध नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
— पुलिस प्रशासन, राजनांदगांव
इस सफल कार्यवाही में डोंगरगढ़ थाना प्रभारी संतोष जायसवाल, सायबर सेल प्रभारी विनय पम्मार और उनकी टीम की विशेष भूमिका रही।

