
■बेरला:- सुशासन सप्ताह “प्रशासन गाँव की ओर” के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पहुंचे बेमेतरा के पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल का एक मानवीय चेहरा सामने आया है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न केवल जनसमस्याएं सुनीं, बल्कि एक दिव्यांग युवक भूपेंद्र कोशले को परेशानी में देख खुद आगे बढ़कर उसकी मदद की।
क्या है पूरा मामला?
बेरला में ‘सुशासन सप्ताह’ के तहत विभिन्न विभागों द्वारा शिविर लगाए गए थे। इसी दौरान बेरला के ग्राम बोरिया निवासी एक दिव्यांग युवक भूपेंद्र कोशले अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर वहां पहुंचा था। भीड़ और शारीरिक अक्षमता के कारण उसे जांच प्रक्रिया में कठिनाई हो रही थी। जब भाजपा नेता व पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल की नजर उस युवक पर पड़ी, तो उन्होंने तत्काल अपना प्रोटोकॉल छोड़कर युवक के पास पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों को निर्देशित किया कि युवक की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए। साथ ही स्वयं खड़े रहकर अवधेश चंदेल ने केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि युवक के साथ खड़े रहकर उसकी उचित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक परामर्श सुनिश्चित करवाया। वही दवाइयों और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उन्होंने डॉक्टरों से युवक को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने और उसे शासन की दिव्यांग कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही। इस दौरान नेता की संवेदनशीलता की प्रशंसा कार्यक्रम में मौजूद आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक के इस जनसेवाभाव की खूब सराहना की। साथ ही अपने भाषण के दौरान बताया कि “सुशासन का असली अर्थ तभी सार्थक है जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचे। दिव्यांगजनों की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है और हमारी सरकार की प्राथमिकता भी यही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।”

