रिपोर्ट-मुदस्सर मोहम्मद
■केसीजी:- जिले में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली जनहानि को कम करने और घायलों को तत्काल सहायता पहुँचाने के लिए के.सी.जी. (खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई) पुलिस ने एक विशेष मुहिम शुरू की है। यातायात पुलिस द्वारा क्षेत्र के ऐसे 07 जागरूक नागरिकों को ‘सड़क सुरक्षा मितान’ (गुड सेमेरिटन) के रूप में चिन्हित किया गया है, जो दुर्घटना के समय देवदूत बनकर घायलों की मदद करते हैं। इन सभी मितानों को विशेष सुरक्षा किट और पहचान बिल्ला प्रदान कर सम्मानित किया गया।
’गोल्डन ऑवर’ में बचाई कई जिंदगियां
पुलिस प्रशासन के अनुसार, किसी भी सड़क हादसे के बाद शुरुआती एक घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ जीवन बचाने के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है। जिले के इन 07 मितानों ने निस्वार्थ भाव से 112 और 108 आपातकालीन सेवाओं का सर्वाधिक उपयोग कर कई घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाया है। उनकी इसी सेवा भावना और नेक कार्य को देखते हुए पुलिस विभाग ने उनका उत्साहवर्धन किया। जिले के ‘सड़क सुरक्षा मितान’ के लिए
पुलिस द्वारा निम्नलिखित नागरिकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चुना गया है। जिसमे छुईखदान से मनोहर पाल एवं विक्रम ठाकुर,
कटंगी से चंद्र शेखर पटेल एवं डोमार पटेल, ठेलकाडीह से नवीन साहू (बुंदेली खुर्द), खैरागढ़ से अशोक सिंह शामिल है। जिन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा बकायदा सम्मानित भी किया गया।
आधुनिक सुरक्षा किट से होंगे लैस
वही अब घायलों की मदद के दौरान मितानों की स्वयं की सुरक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए के.सी.जी. पुलिस द्वारा उन्हें एक विशेष किट दी गई है। इस किट में बैग, हैंड ग्लव्स, विसिल (सीटी), टॉर्च और अन्य बचाव उपकरण शामिल हैं। साथ ही, उन्हें एक विशिष्ट ‘बिल्ला’ भी दिया गया है, जिससे दुर्घटना स्थल पर उनकी पहचान एक अधिकृत मददगार के रूप में हो सके।
कानूनी पूछताछ का डर छोड़ें, आगे आएं
इस कार्यक्रम के माध्यम से के.सी.जी. पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने से पीछे न हटें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ‘गुड सेमेरिटन’ को किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया या पूछताछ के लिए परेशान नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें सम्मानित किया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य आने वाले समय में जिले के हर क्षेत्र से ऐसे मददगारों को जोड़ना और जागरूक करना है।
”हमारा मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को शून्य पर लाना है। जब समाज और पुलिस मिलकर काम करेंगे, तभी हम कीमती जानें बचा पाएंगे।” —■यातायात विभाग, जिला के.सी.जी.■

