रायपुर | प्रदेश की जनता को सुरक्षित और मानक खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जनवरी 2026 में राज्य के विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण करते हुए विभाग ने प्रतिबंधित गुटखा, मिलावटी दुग्ध उत्पाद और नियमों का उल्लंघन करने वाली पोहा मिलों पर व्यापक कार्रवाई की है।
इस अभियान के दौरान धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद और रायगढ़ में कड़े कदम उठाए गए हैं।
प्रमुख जिलों में हुई कार्रवाई का विवरण:
1. महासमुंद: 15.50 लाख का जुर्माना और भारी मात्रा में गुटखा जब्त
महासमुंद जिले में इस महीने सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई देखने को मिली।
- जब्ती: कुल 92,352 पाउच प्रतिबंधित गुटखा और एक्सपायरी डेट पार कर चुके बेसन व सेव जब्त किए गए।
- जुर्माना: न्याय निर्णयन अधिकारी ने विभिन्न प्रकरणों में 15.50 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
- अन्य कार्रवाई: बिना लाइसेंस व्यापार करने वालों पर 20,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया और 51 नग अखाद्य रंग नष्ट किए गए।
2. धमतरी: 73 प्रतिष्ठानों की जांच और ‘ढोकना’ का सैंपल
धमतरी जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए 73 परिसरों का निरीक्षण किया।
- त्वरित कार्रवाई: बस स्टैंड स्थित ‘रमन स्वीट्स’ के विरुद्ध मिली शिकायत पर 24 घंटे के भीतर ‘ढोकना’ का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।
- जनजागरूकता: विभाग ने खाद्य सामग्री परोसने में अखबारी कागज के इस्तेमाल को बंद करने के लिए अभियान चलाया और व्यापारियों को फॉसटैक (FoSTaC) प्रशिक्षण अनिवार्य करने के निर्देश दिए।
3. बलौदाबाजार-भाटापारा: पोहा मिलों की फर्जी जानकारी पकड़ी गई
भाटापारा की प्रमुख पोहा मिलों—मातारानी इंडस्ट्रीज, महासती उद्योग और एन.एस. इंडस्ट्रीज में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
- धोखाधड़ी: मातारानी इंडस्ट्रीज में लेबल पर गलत फर्म का नाम मिला, वहीं एन.एस. इंडस्ट्रीज द्वारा सरकारी पोर्टल पर असत्य स्व-निरीक्षण रिपोर्ट अपलोड करने का खुलासा हुआ। इन मिलों से पोहा और नायलॉन पोहा के विधिक नमूने लिए गए हैं।
4. रायगढ़: 2 लाख के संदिग्ध दुग्ध उत्पाद जब्त
रायगढ़ में एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर जांच की गई, जिसमें शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा लगभग 2 लाख रुपये का कॉलेज एनालॉग और दही मिला। गुणवत्ता पर संदेह होने के कारण सामग्री जब्त कर रायपुर प्रयोगशाला भेजी गई है।
विभाग का संदेश
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। सघन निरीक्षण का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा ताकि स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता बनी रहे।

